संभल के बेसिक शिक्षा अधिकारी डा. सत्यनारायण ने बुधवार को बताया कि उच्च न्यायालय ने इन सभी कर्मचारियों की सेवाओं को वैध नहीं माना है। इस संबंध में कोर्ट के आदेशों और शासन के निर्देशों का परीक्षण करने के उपरांत सेवा समाप्ति के आदेश जारी किए गए हैं। सभी कर्मचारियों के नाम सेवा समाप्ति के आदेश रजिस्टर्ड डाक से भेजे गए हैं।
साथ ही उसकी प्रति खंड शिक्षा अधिकारियों के नाम भेजी गई है। ताकि वे व्यक्तिगत तौर पर उसे रिसीव करा सकें। साथ ही सेवाकाल में आहरित वेतन को राजकीय कोष में जमा करने का भी आदेश दिया गया है।
बेसिक शिक्षा अधिकारी के मुताबिक उच्च न्यायालय में लंबे समय से कुछ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की नियुक्तियों का मामला चल रहा था। इस संबंध में 2011 में कमल सिंह व 36 अन्य बनाम राज्य सरकार के नाम से एक याचिका हुई थी। याचिका के बाद पूरा प्रकरण कोर्ट के संज्ञान में आया।
लंबी सुनवाई के बाद कोर्ट ने जिन कर्मचारियों की नियुक्ति को अवैध माना था। उसमें संभल जिले के सात कर्मचारी शामिल थे। शासन की विभिन्न बैठकों में इसे लेकर जो निर्देश मिले थे उसके क्रम में तथा कोर्ट के आदेशों के क्रम में सभी कर्मचारियों का पक्ष सुना गया। साक्ष्य देखे गए। सम्यक विचारोपरांतर सेवाएं समाप्त की गई हैं।