फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

7,000 किसानों की कर्जमाफी में अटका रोड़ा

Mon, 15 Jan 2018 02:18 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला संभल
विज्ञापन
200 रुपये का नोट - फोटो : RBI
विज्ञापन
कर्जमाफी की चाहत रखने वाले किसानों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। अगर किसानों ने कर्ज माफी के पोर्टल पर ऑनलाइन की गई अपनी शिकायत में जमीन और बकाया ऋण का ब्योरा दर्ज नहीं कराया है तो उनका आवेदन खारिज हो जाएगा। उन्हें कर्जमाफी का लाभ नहीं मिल सकेगा। संभल जिले में अब तक 18,000 शिकायतें पोर्टल पर दर्ज की गईं हैं जिसमें 7,000 हजार शिकायतें उन किसानों की हैं जिन्होंने अपनी शिकायत में जमीन और कर्ज का ब्योरा दर्ज नहीं किया है।
विज्ञापन


इन किसानों को 20 जनवरी से पहले नए सिरे से शिकायत दर्ज करानी होगी। जब शिकायत दर्ज कराने के लिए किसान किसी साइबर कैफे पर जाएं तो उससे पहले अपने बैंक एकाउंट की अपडेट पासबुक अपने पास रखें। साथ ही ताकि पोर्टल पर जब जमीन के ब्योरे को भरने का विकल्प सामने आए तो तत्काल उसमें अपनी जमीन का ब्योरा दर्ज करा सकें।

शिकायत दर्ज कराते समय पोर्टल पर कुल कर्ज, कुल जमा और बकाया का विकल्प सामने आएगा। उसमें भी डिटेल भरनी होगी। ऐसा इसलिए करना पड़ रहा है क्योंकि अतीत में जब शिकायत के पोर्टल पर जमीन और कर्ज के ब्योरे का विकल्प नहीं था। तमाम किसान चाह कर भी इस ब्योरे को भर नहीं सके थे। इस बीच सरकार ने शासनादेश जारी कर दिया है जिसमें कहा गया है कि अगर जमीन और कर्ज का ब्योरा अंकित नहीं कराएंगे तो कर्जमाफी का लाभ नहीं मिल सकेगा।
विज्ञापन


अगर किसी लेखपाल ने हेराफेरी की तो होगी कार्रवाई
संभल। शिकायतें जांच के लिए तहसील और ब्लॉक स्तर तक जाएंगी। शिकायतों की जांच उसी बैंक शाखा में होगी जहां से आपने कर्ज लिया है। जबकि जिस तहसील में आपकी जमीन है। उस तहसील के राजस्व कर्मचारी जांच करेंगे। जांच के बाद तय होगा कि आपका आवेदन सही है या गलत। लेकिन इसमें लेखपाल या कोई अन्य राजस्व कर्मचारी हेराफेरी नहीं कर सकेगा। न ही पात्र को अपात्र किया जा सकेगा क्योंकि सरकार ने मानक तय किए हैं। एसडीएम राशिद अली खां ने कहा कि लेखपाल की जिम्मेदारी सिर्फ इतनी है कि आवेदन को पात्रता के मानकों पर कसे और अपनी रिपोर्ट दे। अगर किसी किसान को गलत तरीके से अपात्र ठहराया गया तो संबंधित लेखपाल पर भी कार्रवाई होगी।

48379 किसानों के खाते में आए तीन अरब रुपये
संभल। वैसे तो प्राथमिक कवायद में जिले भर से 1,21544 किसानों को पात्रता में लिया गया था लेकिन जब मानकों की कसौटी पर कसा गया तो यह संख्या घटती चली गई। जिले में अब तक 48,379 किसानों के खाते में तीन अरब रुपये भेजे गए हैं। पात्रता को लेकर अभी शिकायतों का सिलसिला जारी है। राज्य सरकार की कर्ज माफी योजना से किसानों को उम्मीद बनी हुई है क्योंकि भाजपा ने अपने चुनावी एजेंडे में एक लाख रुपये तक के किसानों के कर्ज माफ करने का एलान किया था पर जब सरकार बनी तो शर्तें ऐसी लागू की गईं की लाखों किसान पात्रता से बाहर हो गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें