संभल। सऊदी अरब में हुई पति की मौत के बाद कर्ज लेकर कानूनी लड़ाई लड़ने वाली महिला प्रशासन की जांच पड़ताल से हताश हो गई है। आर्थिक सहायता राशि मिलने से परेशानी खत्म होने की आस जगी थी वह अधूरी है। जगह जगह भटकने के बाद भी मुआवजे का चेक प्रशासनिक पड़ताल में अटक गया है। महिला को बच्चों का पालन पोषण करने के लिए मेहनत मजदूरी कर गुजारा करना पड़ रहा है। लेनदार भी परेशान कर रहे हैं।
मालूम हो असमोली थाना क्षेत्र के गांव नरैटा मोहम्मदपुर निवासी नौशाद पुत्र फकीरा सऊदी अरब में मेहनत मजदूरी करने गया था। जहां साढ़े तीन साल पहले उसकी संदिग्ध अवस्था में मौत हो गई। पत्नी ने हत्या का अंदेशा जताते हुए भारतीय दूतावास से संपर्क किया। इसके बाद सऊदी अरब शासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। इसमें आरोपी ने समझौता करने का आग्रह किया। महिला के कुछ जिम्मेदार लोगों ने फैसले के सुझाव पर सहमति जताई। इसके बाद कानूनी रूप में फैसला हुआ और आर्थिक मदद के रूप में 69,72,112 रुपये का चेक जिला प्रशासन को भेजा गया।
चेक गत वर्ष के 8 दिसंबर को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंच गया है, लेकिन अभी तक पीड़िता को नहीं मिल सका है। प्रशासन पड़ताल कर चेक देने की बात कह रहा है। तीन महीने बीतने के बाद भी प्रशासन की पड़ताल अधर में अटकी हुई है। प्रशासन की सुस्ती से महिला निराश हो चुकी है। अब वह वक्त को कोस रही है। परिवार के गुजारे के लिए मजदूरी करना मजबूरी बन गई है। जबकि प्रशासन सत्यापन प्रक्रिया का हवाला देकर मामले में लापरवाही बरत रहा है।