संभल। सरकार की ओर से प्रत्येक गांव में बिजली पहुंचाने का दावा हवा हवाई साबित हो रहा है। जहां के एक गांव के लोगों को आजादी के 71 साल बाद भी बिजली नसीब नहीं हुई है। मिट्टी के तेल की डिबिया की रोशनी में गुजारा करने वाले इस गांव के लोगों के लिए बिजली एक सपना है। अब गांव में सौभाग्य योजना के अंतर्गत आधे गांव में विद्युतीकरण हुआ लेकिन कंपनी की ओर से ट्रांसफार्मर नहीं रखा गया। जिससे बिजली की उम्मीद लगाए बैठे ग्रामीणों का इंतजार बढ़ता जा रहा है।
रविवार को गांव मिलक मऊ भूड़ में हैरान कर देने वाली तस्वीर सामने आई है। इस गांव के लोगों ने कभी गांव में बिजली की रोशनी नहीं देखी। गांव में बिजली लाने के लिए कई दशक तक संघर्ष किया लेकिन कोई बात नहीं बनी।
ग्रामीणों ने निराश होकर प्रयास करने बंद कर दिए। केंद्र सरकार ने सौभाग्य योजना को लागू किया जिससे हर गांव और हर गरीब का बिजली पाने का सपना साकार हो सके। इसी क्रम में गांव मिलक मऊ भूड़ का विद्युतीकरण शुरू कर दिया गया।
गांव में करीब 100 लोगों को निशुल्क कनेक्शन दिए गए। विद्युतीकरण पूरा हुए कई महीने से अधिक समय बीत गया, लेकिन अब तक गांव में रोशनी नहीं पहुंची है। भले ही कागजों में गांव तक रोशनी पहुंच चुकी हो लेकिन वास्तविक रोशनी की गांव को आस है।