बबराला। पितृ विसर्जन अमावस्या के अवसर पर श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। पितरों को श्राद्ध और तर्पण कर मोक्ष दिलाया। इस दौरान गंगा तट जयकारों से गूंज उठा। तर्पण के बाद पितरों के वापस लौटने की मान्यता है और नवरात्रों का शुभारंभ हो जाता है।
राजघाट गंगा तट पर मंगलवार की सुबह चार बजे से श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला आरंभ हो गया। जो कि देर शाम तक रहा। इस दौरान श्रद्धालुओं ने गंगा में स्नान कर पुण्य कमाया। विशेष पूजा अर्चना करते हुए पितरों को श्राद्ध और तर्पण किया। इस दौरान लोगों ने पितरों के निमित्त वस्त्र, भोजन पिंडदान सहित अन्य वस्तुएं दान दीं। अमावस्या दो दिन में बंट जाने के कारण यहां आने वाली भीड़ दो दिन में विभाजित हो गई। आमतौर पर पितृ विसर्जन अमावस्या के अगले दिन नवरात्र प्रारंभ हो जाते हैं। इस बार नवरात्र बुधवार से शुरू हो रहे हैं।