चंदौसी/संभल। संभल लोकसभा सीट के लिए जनसभा को संबोधित करने आए शिवपाल सिंह यादव ने अखिलेश यादव और विपक्षियों को निशाने पर लिया। संभल लोकसभा क्षेत्र के यादव बहुल्य क्षेत्र कैलादेवी में भतीजे अखिलेश यादव की जनसभा के तीन दिन बाद उसी स्थान पर जनसभा करके भतीजे पर धोखा देने का आरोप लगाते हुए प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह ने कहा कि नेता जी (मुलायम सिंह यादव) और मुझे धोखा देकर अखिलेश ने विश्वास खो दिया है। नेता जी के खिलाफ कई मुकदमेे लिखवाने वाली मायावती पहले से ही विश्वास के लायक नहीं है। इसलिए यह महागठबंधन नहीं, महा ठगबंधन है।
प्रसपा अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने बाबा साहब के जन्मदिन की शुभकामनाएं देने के बाद कहा कि पढ़ाई से लेकर सियासत तक, जिसे अंगुली पकड़कर चलना सिखाया, उसी अखिलेश यादव ने मेरे साथ क्या किया, यह सभी जानते हैं। मेरे साथ ही क्या, अपने पिता नेता जी के साथ क्या किया यह भी शायद बताने की जरूरत नहीं है। सवाल पूछा कि जो मेरे और नेता जी के साथ धोखा कर सकता है, क्या वह भरोसे के लायक है।
समाजवादी पार्टी में नेता जी के बाद मेरा योगदान है। नेता जी को 2003 में मुख्यमंत्री बनाने में विधायकों को मैंने एकत्र किया था। जिस मायावती ने नेता जी पर तमाम मुकदमे लिखाए, तमाम आरोप लगाए, अब अखिलेश उन्हीं के साथ जाकर खड़े हो गए। मैं सपा में होता, तो सपा यूपी की सभी 80 सीटों पर लड़ती लेकिन अब गठबंधन कर सपा सिर्फ 35 सीटों पर लड़ रही है। मुझे तो पांच नहीं दो ही सीटें दे देते तो मैं मान जाता, मैने दो साल इंतजार किया।
संभल से ऐसे प्रत्याशी को टिकट दिया, जिसने कभी एक सड़क तक नहीं बनवाई। यह गठबंधन नहीं, ठगबंधन है। क्योंकि मायावती कभी भी भरोसे के लायक न थीं और न हैं और न होंगी। उन्होंने कहा कि हम दूसरे प्रदेशों को मिलाकर 70 सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं।
प्रसपा 15 से अधिक सीटें जीत रही है। जिससे केंद्र में बिना हमारे सरकार किसी की भी नहीं बनेगी। जनसभा में जुटी भीड़ से उत्साहित शिवपाल सिंह ने कहा कि असली लड़ाई तो 2022 में दिखेगी, जब वह प्रदेश में सरकार बनाएंगे। उन्होंने कहा कि 1996 में जब पहली बार आया तो टीले का एक मंदिर था कैलादेवी मां का, अब भव्य मंदिर है। इस क्षेत्र के लिए बहुत कुछ किया है। अब वह अपने प्रत्याशी करन सिंह यादव के लिए वोट मांगने आए हैं।
इससे पहले मौलाना अंसार रजा ने सपा-बसपा गठबंधन और भाजपा पर तीखे हमले किए। शिवपाल सिंह पर अखिलेश यादव द्वारा किए गए व्यवहार की कड़े शब्दों में निंदा की। मंडल प्रभारी रनवीर सिंह, जिलाध्यक्ष कैप्टन सर्वेश सिंह, रनवीर सिंह, मोरध्वज यादव, राजेश यादव, छती सिंह यादव, सुदेश यादव, मुकुट सिंह, मुकेश यादव आदि शामिल रहे।