चंदौसी। अधिवक्ताओं ने चुनाव आचार संहिता के चलते पिछले पंद्रह दिनों से तहसील में चली आ रही तालाबंदी स्थगित कर दी। साथ ही तहसील गेट पर धरना देकर विरोध प्रदर्शन किया लेकिन बाद में आदर्श आचार संहिता के कारण आंदोलन को स्थगित करने का ऐलान कर दिया। अब तालाबंदी पर चुनाव के बाद होगी लेकिन अधिवक्ता तहसीलदार के न्यायालय का बहिष्कार जारी रखेंगे।
तहसील बार एसोसिएशन के अधिवक्ता तहसीलदार (न्यायिक) श्रवण कुमार राठौर की कार्यप्रणाली से खासे खफा थे। वह लगातार उनके स्थानांतरण की मांग करते आ रहे थे। लेकिन स्थानांतरण की बजाय तहसील में तहसीलदार बना दिया गया। इससे अधिवक्ताओं में रोष व्याप्त हो गया। जिसके कारण अधिवक्ताओं ने 27 फरवरी से तहसील व रजिस्ट्री कार्यालय की तालाबंदी शुरू कर दी।
लगातार तालाबंदी से लोग परेशान हो उठे। अधिवक्ताओं ने 11 मार्च से आंदोलन को उग्र रुप दिए जाने का निर्णय लिया था। लेकिन रविवार को लोकसभा चुनाव की घोषणा होने से आचार संहिता लागू हो गई। जिसके कारण अधिवक्ताओं को तहसीलदार के खिलाफ चल रही तालाबंदी व धरना प्रदर्शन स्थगित करनी पड़ी।
सोमवार को बैठक आयोजित कर निर्णय लिया गया कि अब 24 मई को चुनाव बाद आगामी निर्णय लिया जाएगा। लेकिन अधिवक्ता तहसीलदार न्यायालय का बहिष्कार रखेंगे। तहसील के अंदर न्यायालयों में अधिवक्ता विरोध स्वरूप न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे। लेकिन अति आवश्यक कार्य प्रभावित नहीं रहेगा। इस दौरान अध्यक्ष राजेंद्र कुमार शर्मा, सचिव मुकेश पाल सिंह समेत काफी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।