मां की नजर क्या हटी, मासूम पर मुसीबत का पहाड़ ही टूट पड़ा। खेलते हुए उसने स्लैब पर रखी गर्म दूध से भरी बाल्टी खुद पर गिरा ली। झुलसने पर मासूम की चीख सुनकर मां पहुंची तो उसके होश उड़ गए।
आनन-फानन में परिजन मासूम को इलाज के लिए निजी अस्पताल लेकर गए। इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। अब वह खुद को कोस रही है कि, वह दूसरे काम के लिए वहां से गई ही क्यों। वह बदहवास है।
मामला बनियाठेर क्षेत्र के गांव थरैसा जय सिंह का है। मंगलवार सुबह करीब 10 बजे यहां के रहने वाले नरेश पाल की पत्नी मीना देवी ने दूध गर्म कर स्लैब पर बाल्टी में रख दिया। इसके बाद मीना देवी घर के अन्य काम निपटाने में व्यस्त हो गई। इसी बीच खेलते-खेलते नरेश का तीन वर्षीय बेटा यश कुमार पहुंच गया।
उसने स्लैब पर रखी बाल्टी को अपने ऊपर गिरा लिया। बाल्टी में रखा गर्म दूध से यश बुरी तरह झुलस गया। मीना देवी के शोर शराबे पर पड़ोस के लोग और परिजन मौके पर पहुंच गए।
आनन फानन में मासूम यश को निजी चिकित्सक के पास इलाज के लिए भर्ती कराया गया। गंभीर रूप से झुलसे यश ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। परिवार में कोहराम मचा हुआ है। मां मीना देवी मासूम बेटे की मौत से बदहवास हैं।