संभल में बिजली विभाग ने 14 करोड़ रुपये न मिलने पर अब वसूली के लिए आरसी जारी करना शुरू कर दिया है। जबकि चंदौसी में पांच हजार से अधिक बकाया वाली लोगों के घरेलू बिजली कनेक्शन काटे जा रहे हैं। यदि किसी बकाएदार ने बिना बकाया अदा किए अपनी बिजली लाइन जोड़ ली, तो उसके खिलाफ भी आरसी जारी होगी।
संभल डिवीजन में नलकूपों पर 14 करोड़ रुपये बकाया है। कई बकाएदार तो ऐसे हैं, जिन्होंने दो वर्ष से भी ज्यादा समय से बकाया अदा नहीं किया। बिजली विभाग के एमडी ने जब बकाया को लेकर सख्ती की तो स्थानीय अभियंताओं ने बकाएदारों के नाम छांटे और उनके खिलाफ आरसी जारी करना शुरू कर दिया है. प्रथम चरण में 228 बकाएदारों के खिलाफ आरसी जारी की जा रही है।
यह वही बकाएदार हैं, जिन्होंने दो वर्ष से बकाया अदा नहीं किया है। वहीं चंदौसी डिवीजन में 84 लाख रुपये की वसूली के लिए 150 आरसी जारी की गई हैं। इसमें से 18 लाख रुपये की वसूली हो गई है, जबकि बाकी आरसी में वसूली की प्रक्रिया चल रही है। बकाएदारों से बकाया रकम के साथ वसूली चार्ज दस प्रतिशत की दर से वसूला जा रहा है। इसका भाकियू ने विरोध किया है।
भाकियू के जिला महासचिव वीरेंद्र सिंह का कहना है कि किसान मार्च 2017 तक अपना बकाया अदा करने के लिए राजी हैं, लेकिन बिजली विभाग इस बीच किसानों का उत्पीड़न कर रहा है। इस मामले में भाकियू जल्दी ही आंदोलन शुरू करेगी।
आरसी को उन्होंने अवैधानिक बताया। उनका कहना था कि किसान अभी नोट बंदी से उबर नहीं पाए हैं। ऐसे मे आरसी वापस ली जाएं। अन्यथा भाकियू 15 फरवरी के बाद आंदोलन छेड़ेगी। भाकियू के मंडलाध्यक्ष आनंद सिंह ने भी आरसी जारी का विरोध किया है। उन्होंने आंदोलन करने की चेतावनी दी है।