चंदौसी। क्षेत्र में गेहूं की कटाई शुरू हो चुकी है, लेकिन अभी तक कृषि उत्पादन मंडी समितियों में गेहूं आवक शुरू नहीं हो सकी है। गेहूं क्रय केंद्र भी किसानों की राह देख रहे हैं। जिले के किसी भी गेहूं क्रय केंद्र पर अभी तक एक किलो भी गेहूं नहीं खरीदा गया है। हालांकि गेहूं खरीद की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
बैशाखी का पर्व नजदीक आ गया है, खेत खलिहानों में नई फसलें तैयार हो चुकी हैं। अभी सभी खेतों में तो नहीं लेकिन गेहूं की कटाई शुरू हो चुकी हैं। इभी जरूरत मंद या फिर अगैती फसल वाले ही गेहूं काट रहे हैं, लेकिन अनुमान यह हैकि एक सप्ताह के अंदर खेतों में खड़े गेहूं पूरी तरह पककर तैयार हो जाएंगे, उसके बाद ही जोरशोर से कटाई शुरू हो पाएगी।
मौसम के प्रभाव के कारण अभी अधिकांश खेतों में गेहूं में नमीं देखने को मिल रही है, इसलिए किसान अभी गेहूं काटने में हिचक रहे हैं। यही कारण है कि गेहूं अभी तक जिले की कृषि उत्पादन मंडियों व गेहूं खरीद केंद्रो तक नहीं पहुंच पा रहा है। जबकि खरीद केंद्र एक अप्रैल से खुल गए और केंद्र प्रभारियों ने खरीद की सारी तैयारियां पूरी कर ली गई है। किसान के सामने खरीद केंद्र पर गेहूं बेचने में एक समस्या सामने आ रही है। उसे खरीद केंद्र पर गेहूं बेचने से पहले पंजीकरण कराना होगा।
चंदौसी मंडी स मिति में खुले यूपी स्टेट एग्रो के क्रय केंद्र प्रभारी रविंद्र कुमार ने बताया कि क्रय केेंद्रों पर विक्रय किए गए गेहूं की धनराशि किसानों के खाते में भेजी जाएगी। गेहूं का भाव तो 1840 रुपये है, लेकिन यदि किसान गेहूं की छानने के लिए मजदूरों को बीस रुपये प्रति क्विंटल देता है तो बीस रुपये प्रति क्विंटल की दर से उसके खाते में धनराशि भेज दी जाएगी। इस तरह किसानों को गेहूं का भाव 1860 रुपये प्रति क्विंटल पडेगा। अभी मंडी व क्रय केंद्र पर गेहूं नहीं आ रहा है। अनुमान हैकि एक सप्ताह बाद गेहूं की आवक शुरू हो जाएगी।