संभल। शहर की घनी आबादी वाले क्षेत्रों में चल रही 20 मेंथा फैक्टरियों को प्रशासन की ओर से नोटिस जारी किए गए हैं। इन फैक्टरी संचालन के लिए जारी होने वाली दो विभाग की एनओसी नहीं है। जवाब मांगा गया है। एक महीने के अंदर जवाब नहीं दिया गया तो संचालन बंद कराया जाएगा। इसके अलावा 10 ग्रामीण क्षेत्र में संचालित फैक्टरी को भी नोटिस जारी हुए हैं। इसी क्रम में मेंथा कारोबारियाें ने डीएम और एसपी से मुलाकात की है। साथ ही औद्योगिक गलियारे में प्लॉट दिए जाने की मांग उठाई है। डीएम ने भरोसा दिलाया है।
शुक्रवार की शाम मेंथा एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेंद्र गोयल के नेतृत्व में मेंथा कारोबारियों ने डीएम और एसपी से मुलाकात की। फैक्टरी संचालकों को जारी किए गए नोटिस के बारे में अवगत कराया। यह नोटिस सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार द्वारा जारी कि गए हैं।
सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि शहर में 20 मेंथा फैक्टरियां मेंथा तेल का उत्पादन कर रही हैं। ये सभी घनी आबादी वाले क्षेत्रों में स्थित हैं। जांच के बाद इन 20 इकाइयों को धारा 152 बीएनएसएस के तहत नोटिस दिए गए हैं। इन फैक्ट्रियों के पास प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और अग्निशमन विभाग के अनापत्ति प्रमाणपत्र नहीं हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी लगभग 10 मेंथा फैक्टरियां बिना अनापत्ति प्रमाणपत्रों के चल रही हैं। उन्हें भी नोटिस जारी किए गए हैं। कुल 29 नए नोटिस जारी हुए हैं, जबकि 3 मामले पहले से न्यायालय में विचाराधीन हैं।
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मेंथा कारोबारियों की मांग
मेंथा एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेंद्र गोयल ने बताया कि उनकी मुख्य मांग औद्योगिक गलियारे में प्लाॅट उपलब्ध कराने की है। वे अपनी इकाइयों को शहर से बाहर औद्योगिक क्षेत्र में स्थानांतरित करना चाहते हैं। डीएम ने औद्योगिक प्लॉट की व्यवस्था का आश्वासन दिया है।
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