जुनावई/चंदौसी। ब्लाक जुनावई में गुरुवार को जिला कोआर्डिनेटर, एडीओ (पंचायत) ने ग्राम प्रधानों एवं सचिवों को ग्राम पंचायत विकास योजना के तहत दो दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। इसमें कहा गया कि यदि शौचालय की अनुदान राशि का दुरुपयोग किया गया तो लाभार्थियों के खिलाफ एफआईआर होगी। प्रधान व सचिवों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
ब्लाक स्तर पर पंचायती राज विभाग के माध्यम से ग्राम पंचायत विकास योजना के तहत प्रशिक्षण के पहले दिन एडीओ (पंचायत) वसीम अब्बास ने बताया कि अब जल्द ही सभी ग्राम प्रधानों एवं सचिवों का डोंगल सिस्टम हो जाने के बाद चेक काटने की व्यवस्था पूर्ण रूप से खत्म कर दी जाएगी।
वर्ष 2018-19 में पंचायत निधि से कराए गए सभी कार्य की क्रिया सॉफ्ट फींडिग को तुरंत कराने के साथ सभी अभिलेखों को पूरा कर कार्यालय में जमा करा दें। पत्रावली जमा करने के उपरांत पिछले वर्ष में ग्राम पंचायत में आए धन के आधार पर ही 15 प्रतिशत धन को बढ़ाकर अपनी-अपनी ग्राम पंचायत में कार्ययोजना को तैयार कर लें।
कार्य योजना को तैयार करने में सबसे पहले स्कूल एवं पंचायत घर एवं सरकारी धरोहर को वरीयता पर रखने की बात कही। ब्लाक स्तर पर 12 प्राथमिक को माडल स्कूलों का दर्जा मिलने पर उन स्कूलों को इंग्लिस मीडियम स्कूल से भी बेहतर बनाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि 4848 गोवंसीय पशु खुले में घूम रहे हैं। इनकी सुरक्षा एवं देखरेख के लिए संभल जिले के कैला देवी में स्थान चुन लिया गया है। जिला कोर्डिनेटर सुषमा राघव ने कह कि ब्लाक में 17 हजार से अधिक लाभार्थियों के शौचालय बनाने में 22 करोड़ के लगभग धन खर्च किया गया है।
जबकि पूरे जिल में छूटे हुए लाभार्थियों के लिए 48 हजार शौचालय बनाने की अनुमित मिल गई है। सभी प्रधान शौचालय की डिजिटल डायरी को बनवा लें। जिससे कि शौचालय तोड़ने वाले एवं धन निकाल कर न बनवाने वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जा सके।
इस मौके पर नवनीत कुमार, अक्षय कुमार कुनाल बाबू, एडीओ नेतराम सिंह सहित ग्राम प्रधान दिलीप सिंह, सत्यपाल, अशोक कुमार, विनोद कुमार ने भी विचार रखे।