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Sambhal News: बाढ़ से निपटने के लिए बनाई गईं 16 चाैकियां

Sat, 28 Jun 2025 01:56 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
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बहजोई। बारिश में गुन्नौर क्षेत्र में गंगा के आसपास के गांवों में बाढ़ की आशंका को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट है। तहसील गुन्नौर क्षेत्र में गंगा तट के आसपास बसे करीब 36 गांव ऐसे हैं, जो बरसात के दिनों में बाढ़ प्रभावित हो सकते हैं। इसके चलते इन गांवों में जन-हानि आदि से बचाव के लिए प्रशासन ने तैयारी पूरी कर ली है। इन गांवों में बाढ़ के चलते सुरक्षा आदि के लिए जिला प्रशासन की ओर से 16 बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। इसके अलावा 13 शरणालय भी बनाए गए हैं।
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एडीएम प्रदीप वर्मा ने बताया कि बाढ़ चौकियों जुड़े गांवों पर राजस्व, स्वास्थ्य, पशु बाल विकास परियोजना की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आदि कर्मचारियों की तैनाती की गई है। उन्होंने बताया कि बाढ़ चौकियां पंचायत भवनों व परिषदीय विद्यालयों समेत अन्य सरकारी भवनों में बनाई गई हैं। वहीं, बाढ़ शरणालय नजदीकी इंटर कॉलेजों के भवनों में बनाए गए हैं। शरणालयों में भोजन, पीने के पानी व शौचालयों समेत टैंट व लाइट आदि की भी व्यवस्था चोक-चौबंद है। वहीं, शरणालयों में शरणार्थियों के रहने-सहने व भोजन आदि व्यवस्था के लिए टेंडर भी हो गया है। इसके अलावा बाढ़ शरणालयों में सीएचसी गुन्नौर, जुनावई व रजपुरा आदि से चिकित्सकों समेत अन्य स्टाफ की तैनाती भी रहेगी। इस के लिए शरणालयों में संबंधित सीएचसी से चिकित्सक व चिकित्सा स्टाफ की ड्यूटियां भी लगाई गईं हैं। वहीं बाढ़ चौकियों पर पशु चिकित्सा के भी इंतजाम किए गए हैं। इसके लिए संबंधित बाढ़ चौकियों पर पशु चिकित्साधिकारियों व अन्य स्टाफ की तैनाती रहेगी।

बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र समेत आसपास उपलब्ध रहेंगी 20 बड़ी व 4 छोटी नावें
आपातकाल के लिए 52 गोता खोर तैयार

बहजोई। तहसील गुन्नौर क्षेत्र में गंगा नदी के किनारे बसे गांवों में नावों के भी इंतजाम हैं। इसके लिए नावों के ठेकेदार समेत अन्य नाव स्वामियों से प्रशासन ने समन्वय बनाया हुआ है।
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एडीएम प्रदीप वर्मा ने बताया कि बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र में 20 बड़ी नाव तथा 4 छोटी नाव उपलब्ध रहेंगी। इनमें से बड़ी नावों में 12 व्यक्ति प्रति नाव के हिसाब से उपलब्ध रहेंगे। वहीं, छोटी नावों में 4 व्यक्ति प्रति नाव के हिसाब से उपलब्धता रहेगी। इसके अलावा बाढ़ आने के अंदेशे को लेकर तहसील क्षेत्र के 52 गोताखोर भी उपलब्ध रहेंगे।

इनसेट



एनडीआरएफ व एसडीआरएफ समेत मौजूद रहेगी पीएसी
बहजोई। एडीएम प्रदीप वर्मा ने बताया कि बाढ़ प्रभावित गांवों में आपातकाल के लिए एनडीआरएफ व एसडीआरएफ समेत पीएसी बल के जवानों की तैनाती रहेगी। इसके अलावा मौके पर बाढ़ राहत उपकरण भी उपलब्ध रहेंगे। इसके अलावा तहसील गुन्नौर मुख्यालय पर बनाए गए आपदा राहत केंद्र राहत किट व फर्स्ट एड किट आदि उपलब्ध हैं।

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बहजोई। एडीएम प्रदीप वर्मा ने बताया कि वर्ष 2018-19 में तहसील गुन्नौर क्षेत्र के गंगा नदी के किनारे वाले पांच गांव व उनके मझरे बाढ़ से प्रभावित हुए थे। इनमें गांव रघुपुर पुख्ता समेत मैंगरा, बझांगी, नरुपुरा व भावरूवर खेड़ा लक्ष्मीपुर शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इसके अलावा गांव मैंगरा के मजरे सांलिंग की मढ़ैयां समेत बझांगी के मजरे उदियानगला व तोतापुर तथा भावरूवर खेड़ा लक्ष्मीपुर के मजरे भावरू के मझरे बाढ़ से प्रभावित हुए थे।


इनसेट

बाढ़ नियंत्रण कक्ष में 24 घंटे ऑन कॉल रहेंगे कर्मचारी
बहजोई। एडीएम प्रदीप वर्मा ने बताया कि जिले में बाढ़ का खतरा सिर्फ तहसील गुन्नौर क्षेत्र में होता है। इसके लिए तहसील भवन में एक बाढ़ नियंत्रण कक्ष बनाया गया है। इसको लेकर नायब नाजिर को कंट्रोल रूम प्रभारी बनाया गया है। एडीएम ने बताया कि कंट्रोल रूम के नंबर 7417570954 पर सूचनाओं का आदान-प्रदान रहेगा। उन्होंने बताया कि कंट्रोल रूम प्रभारी की ओर से नरौरा बैराज पर जल स्तर की सूचना से संबंधित रिपोर्ट सुबह 8 से दोपहर 12 बजे तक व शाम 4 से रात 8 बजे तक तथा रात 12 प्राप्त करके अलग से एक पंजिका बनाई जाएगी। वहीं, जल स्तर के संबंध में प्राप्त सूचना तत्काल तहसीलदार व एडीएम गुन्नौर को उपलब्ध कराई जाएगी। बाढ़ के खतरे को ध्यान में रखते हुए तहसील गुन्नौर स्थित बाढ़ नियंत्रण कक्ष में तैनात कर्मचारी 24 घंटे ऑन कॉल रहेंगे। इसके लिए कर्मचारियों की तैनाती कर जिम्मेदारी सौंप दी गई है।


इनसेट



जिला मुख्यालय पर बनाया गया कंट्रोल रूम
बहजोई। जिला आपदा विशेषज्ञ एके यादव ने बताया कि जिला मुख्यालय पर भी बाढ़ कंट्रोल रूम बनाया गया है। उन्होंने बताया कि जिला मुख्यालय के बाढ़ कंट्रोल रूम का नंबर 05921-243110 व 243111 है।
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