158 metric tons of gypsum found for potato and mustard crops
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जिले में आलू व सरसों की फसल की बुआई के लिए पहले ही कृषि विभाग को 158 मीट्रिक टन जिप्सम प्राप्त हो गया है। जिप्सम को वितरण के लिए सभी ब्लाक के गोदाम पर आवंटित करा दिया गया है। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि शेष जिप्सम फसल की बुआई से पहले ही प्राप्त हो जाएगा।
संभल जिले में आलू व सरसों की काफी मात्रा में बुआई की जाती है। अक्तूबर माह में दोनों फसलों की बुआई आरंभ होगी। विभाग के मुताबिक भूमि सुधार के लिए जिले में लक्ष्य के सापेक्ष 225 मीट्रिक टन जिप्सम की आवश्यकता होगी। विभाग को 158 मीट्रिक टन जिप्सम प्राप्त हो गया है तथा शेष 67 मीट्रिक टन जिप्सम शीघ्र ही गोदामों तक पहुंच जाएगा। प्रति बैग का मूल्य 218.05 रुपये है। सामान्य वितरण के अंतर्गत कुल मूल्य का 50 प्रतिशत अनुदान के रूप में डीबीटी के माध्यम से लाभार्थी किसान के खाते में भेजा जाएगा। एक किसान को अधिकतम दो हेक्टेअर के लिए 12 बैग वितरित किए जा सकते हैं। किसानों को जिप्सम पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर दिया जाएगा।
ब्लॉक गोदाम पर उपलब्ध है जिप्सम
बनियाखेड़ा ब्लाक में 35 मीट्रिक टन, बहजोई में 21 मीट्रिक टन, पवासा में 20 मीट्रिक टन, संभल 25 मीट्रिक टन, असमोली 16 मीट्रिक टन, गुन्नौर 20 मीट्रिक टन, रजपुरा 21 मीट्रिक टन उपलब्ध है।
भूमि सुधार के लिए किसानों को जिप्सम 50 फीसदी अनुदान पर दिया जाएगा। जिप्सम में कैल्शियम एवं सल्फेट दोनों पाए जाते हैं। यह मिट्टी को भुरभुरा बनाने के साथ सल्फर की पूर्ति करता है और मृदा के पीएच को सामान्य रखने में मदद करता है।
ओंकार सिंह, जिला कृषि अधिकारी संभल।