जुनावई/चंदौसी।
गुन्नौर कोतवाली क्षेत्र में कर्ज चुकाने के लिए पति द्वारा बेची गई जमीन को वापस नहीं करने से क्षुब्ध एक महिला ने घर के पिछवाड़े में नीम के पेड़ से साड़ी का फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली। सुबह घटना की जानकारी होने पर खलबली मच गई। परिजनों ने बिना किसी कार्रवाई के महिला का अंतिम संस्कार कर दिया।
गुन्नौर थाना क्षेत्र के खेड़ा चबूतरा में किसान भगवान सिंह पिछले दिनों एक मामले में जेल गया था, जिसकी जमानत कराने में कुछ रुपये उधार हो गए थे। जिन्हें चुकाने के लिए भगवान सिंह अपनी जमीन को बेचना चाहता था लेकिन उसकी पत्नी व दो बेटे इस बात पर तैयार नहीं थे।
पुत्रों ने भगवान सिंह से कहा था कि वह मेहनत मजदूरी करके उधार के रुपये चुका देंगे लेकिन जमीन को बेचने की जरूरत नहीं है। उससे परिवार का जीविकोपार्जन हो रहा है। लेकिन भगवान सिंह जमीन को बेचने का मन बना चुका था। इसी नाराजगी में वह कुछ दिनों के लिए घर से लापता भी हो गया। बताते हैं कि बाद में उसने 10 मई को चबूतरा गांव के एक व्यक्ति को गुपचुप तरीके से जमीन का बैनामा करा दिया।
इसकी जानकारी जब उसकी पत्नी धर्मेंत्री देवी (55) को लगी तो वह काफी नाराज हो गई और दौड़ी-दोड़ी खरीदार के घर पहुंच गई। खरीदार से उसने जमीन वापस करने को कहा। उस समय तो खरीदार ने जमीन को वापस करने का वादा भी कर दिया लेकिन लगातार टालता रहा और जमीन को वापस नहीं किया।
महिला लगातार जमीन को वापस कराने के लिए खरीदार के घर के चक्कर लगाती रही। लेकिन जब उसकी आस टूट गई तो धमेंत्री ने शनिवार की रात्रि को घर के पिछवाड़े नीम के पेड़ में साड़ी से फंदा बनाकर आत्म हत्या कर ली है। रविवार की सुबह घटना की जानकारी परिजनों को हुई तो खलबली मच गई। बिना किसी कार्रवाई के महिला के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया है। मृतका के पुत्र वीरेश कुमार की पत्नी सुनीता देवी ने बताया कि यदि खरीदार जमीन वापस कर देता तो शायद उसकी सास आत्म हत्या नहीं करती।