बबराला/गवां। गन्ना सहकारी समिति रजपुरा के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र में गन्ना किसानों के सर्वे में हुई धांधली के बाद किसानों की स्थिति बदहाल है। लगातार शिकायतों के बाद भी सुधार नहीं हुआ है। जिसके चलते अब गन्ना किसान बिचौलियों पर निर्भर हैं। जिन्हें अपना गन्ना 185 रुपये से दो सौ रुपये प्रति क्विंटल बेचना पड़ रहा है। आलम यह है कि दलाल मिल गेट पर किसानों से नकद गन्ना खरीद रहे हैं।
रजपुरा के डीएसएम शुगर मिल के गेट पर गन्ना लेकर पहुंचे किसानों ने गेट पर्ची न होने का दर्द अमर उजाला से साझा करते हुए सरकारी सिस्टम पर तमाम सवाल खड़े किए और गन्ना सर्वे में हुई धांधली का जिक्र करते हुए कर्मचारियों की ओर से बिचौलियों को मजबूत करने का भी आरोप लगाया।
किसानों का आरोप है कि स्थानीय किसानों को पर्ची न देकर समिति ने अनूपशहर, जहांगीराबाद, बुलंदशहर, हसनपुर, बहजोई, बदायूं आदि क्षेत्र के बिचौलियों को पर्याप्त मात्रा में पर्ची जारी की है। जिनका रिकॉर्ड गन्ना समिति के पास नहीं है।
बावजूद इसके ये बिचौलिया अपने-अपने क्षेत्रों से सस्ते दामों पर गन्ना खरीद कर लाते हैं और मिल के गेट पर भी जिस भाव पर ग्राहक पट जाए गन्ना खरीद लेते हैं। जिससे किसानों का शोषण हो रहा है। किसानों ने इसकी शिकायत अधिकारियों से की है लेकिन कार्रवाई जांच तक सीमित रह जाती है।
बोले किसान-
-गन्ना समिति के कर्मचारियों ने सर्वे में लापरवाही बरती इससे उन्हें कोई पर्ची नहीं मिली। अब 185 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गन्ना खेत में ही बेचा है। बृजपाल सिंह, खगूपुरा।
- जब गन्ना समिति के कर्मचारियों ने फर्जी सट्टे करके दलालों को पर्ची बांट दी है तो किसानों को पर्ची कैसे मिलेंगे। अधिकारी भी इन पर लगाम लगाने में नाकाम रहे हैं। भूषण सिंह, परतापुर
- दो एकड़ खेत में गन्ना की फसल खड़ी है। एक पर्ची मिली है। समिति में शिकायत की तो कहा गया कि पर्याप्त अभिलेख नहीं मिल पाने के कारण अधिक पर्ची नहीं मिल पाएगी। - रमेश भंडारी, मुबारिकपुर