संभल/बबराला। रजपुरा कांड में आरोपियों के खिलाफ अहम साक्ष्य देने वाले गैंगरेप पीड़िता के ममेरे भाई का कई दिनों से पीछा कर रहे एक युवक को ग्रामीणों की मदद से पकड़ लिया गया। इसे बाद में पुलिस के हवाले किया गया। रजपुरा क्षेत्र के एक गांव में 13 जुलाई को रात्रि को गैंगरेप के बाद महिला को जिंदा जला दिया गया था। इसमें नामजद गांव के ही पांच आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वारदात में गैंगरेप पीड़िता के ममेरे भाई ने एक ऑडियो टेप दिया जिसमें पीडिता ने अपने साथ हुई दरिंगी बात कहकर जिंदा जलाने की आशंका जताई थी। यह ऑडियो टेप इस केस में अहम साक्ष्य बन गया है। ऐसे में अहम साक्ष्य देने वाले पीड़िता के ममेरे भाई को कई बार जान से मारने की धमकी मिली। ममेरे भाई ने अमर उजाला को बताया कि घटना के बाद से कुछ लोग लगातार उसका पीछा कर रहे है। जो कि आरोपियों के रिश्तेेदार हैं। रविवार को आधा दर्जन से अधिक लोगों ने उनके बड़े भाई का रास्ता घेरा था लेकिन वह जान बचाकर भाग निकले। प्रत्येक घटना की सूचना लगातार पुलिस को फोन पर दी जा रही है। उसका कहना है कि एक युवक उसके लिए घात लगाए बैठा था जिसे गन्ने के खेत से पकड़ा गया है। उसके साथ कुछ और लोग भी थे जो हाथ नहीं आए। पकड़े गए युवक को रजपुरा पुलिस के हवाले किया गया है। ममेरे भाई के मुताबिक यह युवक पहले भी उनका पीछा कर चुका है।
रजपुरा के कार्यवाहक थानाध्यक्ष अनिल कुमार ने बताया कि हमारे लिए गैंगरेप मामले में साक्ष्य देने वाले ममेरे भाई की सुरक्षा अहम है। इसके लिए हम सतर्क है। जिस युवक को पकड़ा गया है वह शराब के नशे में था। उसका स्वास्थ्य परीक्षण कराया जा रहा है। तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।