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विश्व महिला दिवस पर दुल्हन ने तोड़ी परंपरा, मिली जीत

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संभल। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर शुक्रवार को एक दुल्हन ने अपने ही रिश्ते पर आई विपत्ति पर ऐसा सराहनीय कदम उठाया कि उसके परिजन भी सन्न रह गए। बारात लेकर आए दूल्हे से समगोत्र बताकर जब परिजनों ने शादी करने से इनकार कर दिया, दूसरा दूल्हा तलाश करके शादी करने की तैयारी की तो घूंघट तो फेंक कर दुल्हन परंपराओं को तोड़कर बारात लेकर आए दूल्हे से शादी करने पर अड़ गई। आखिरकार, परिजनों को भी उसके निर्णय के आगे झुकना पड़ा। फर्क सिर्फ इतना रहाकि उसकी शादी शुक्रवार को मंडप की बजाय गंगातट पर हुई।
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बहजोई थाने की पाठकपुर पुलिस चौकी क्षेत्र का एक दूल्हा अपनी बारात लेकर गुरुवार की रात को धनारी थाना क्षेत्र के एक गांव में दुल्हन के घर पहुंचा। तयशुदा कार्यक्रम के तहत बड़ी हंसी खुशी से बारात चढत हुई। इसी मौके पर दो संबंधियों को जानकारी हुई कि दुल्हन और दूल्हा एक ही गोत्र के हैं। यह चर्चा सभी रिश्तेदारो में होने लगी। परिजनों तक मामला पहुंचा तो कहा गया कि यह शादी होना नामुमकिन है। क्योंकि यादव विरादरी की परंपरा के मुताबिक एक गोत्र में शादी नहीं हो सकती। देखते ही देखते शादी की रस्में रुक गईं। शादी के मुहूर्त का समय भी बीत गया। सुबह तक पंचायतों का दौर चला लेकिन सहमति नहीं बन सकी। दोनों पक्षों में विवाद की आशंका को देखते हुए कुछ लोगों ने पुलिस को सूचना दे दी। धनारी थाने के हल्का इंचार्ज रक्षपाल सिंह दोनों पक्षों को थाने बुलाकर लाए। दुल्हन के दादा एक गोत्र में शादी का विरोध कर रहे थे। इसी दौरान कन्या पक्ष ने आनन फानन में एक अन्य गांव के एक और युवक को शादी के लिए तैयार किया। दूसरे युवक के दूल्हा बना कर परिजन शादी करने की तैयारी कर ही रहे थे। इसी बीच दुल्हन ने कड़ा फैसला ले लिया। उसने आनन फानन में राजी किए गए दूल्हे से शादी करने से इनकार करते हुए कहाकि शादी करेगी तो पहले बारात लेकर आया है, उसी से ही करेगी। गोत्र एक होने से जो भी परेशानी होगी, उसे झेलने के लिए वह तैयार है। दुल्हन की बेबाक जिद से कन्या पक्ष के लोग सन्न रह गए। गांव में लोक लाज व विरोध के चलते परिजन, दूल्हा दुल्हन को मंडप से अलग गंगातट राजघाट पर ले गए। यहीं पर किसी तरह विवाह की रस्में पूरी की गई।
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर दुल्हन द्वारा उठाए गए कड़े और सराहनीय कदम की गांव में सराहना हो रही हैं। पुलिस ने भी दोनों को शादी की इजाजत दी। दोनों को नाबालिग बताकर व एक गोत्र का बताकर शादी का विरोध कर रहे दो परिजनों को पकड़कर पुलिस ने उनका शांति भंग होने की आशंका में चालान कर दिया। थानाध्यक्ष रविंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों को थाने लाया गया था लेकिन दोनों में समझौता होने के बाद उन्हें जाने दिया गया। उन्होंने शादी किससे और कहां की, यह जानकारी नहीं है।
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