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Sambhal News: छह राज्यों में 10 टीमें कर रहीं बवालियों की तलाश

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मुरादाबाद। संभल बवाल के आरोपियों की तलाश में पुलिस की 10 टीमें छह राज्यों में ताबड़तोड़ दबिश दे रही हैं। कुछ लोगों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ भी की जा रही है।
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पुलिस की यह कार्रवाई प्रदेश के अन्य जिलों के साथ ही दिल्ली, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और मध्यप्रदेश में चल रही है। उपद्रवियों के पकड़े जाने के बाद ही संभल में बवाल वाली जगह से बरामद हुए पाकिस्तान और अमेरिका में निर्मित कारतूसों के तस्करों की जानकारी मिल सकेगी।
24 नवंबर की सुबह संभल में जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान बवाल हो गया था। इस दौरान पथराव और फायरिंग में पांच लोगों की मौत हो गई थी। मामले में अब तक तीन महिला समेत 35 आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं। पुलिस ने फुटेज की मदद से अब तक 400 लोगों के फोटो जारी किए हैं, जिन्होंने पुलिस-प्रशासन के लोगों पर पथराव किया था। इसमें से 100 से ज्यादा आरोपियों की पहचान हो चुकी है।
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इन आरोपियों की तलाश में पुलिस उनके घरों पर दबिश दे रही है लेकिन अधिकांश घरों पर ताले लटके हैं। जिन घरों में ताले नहीं लगे हैं वहां केवल महिलाएं या बच्चे मौजूद हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की 10 टीमें लगाई गई हैं। यह टीमें चिह्नित किए गए 100 आरोपियों की तलाश में उनके परिचतों, रिश्तेदारों के घरों पर प्रदेश के अन्य जिलों के साथ ही दूसरे राज्यों में भी दबिश दे रही हैं।
कुछ लोग बाहर रोजगार भी करते हैं, इसलिए पुलिस टीमें उनके काम करने की जगह पर भी छापा मार रही हैं। कुछ संदिग्धों को हिरासत में भी लिया गया है। उनसे पूछताछ की जा रही है।
फोरेंसिक जांच के लिए भेजे गए विदेशी कारतूस
संभल बवाल वाले क्षेत्र में पुलिस को पाकिस्तान, अमेरिका में निर्मित कारतूस और खोखे मिले हैं। बवाल के दौरान इन कारतूसों का भी इस्तेमाल किया गया था। बरामद किए गए कारतूसों को पुलिस ने जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजा है। इसके अलावा पुलिस ऐसे तस्करों की भी तलाश में जुटी है, जो अवैध हथियार और कारतूसों की तस्करी करते हैं।
शातिर हैं बवाली, मोबाइल से बना ली दूरी
संभल बवाल में शामिल रहे बवाली बहुत शातिर हैं। इस घटना के बाद फरार हुए और तब से मोबाइल का इस्तेमाल नहीं किया है। पुलिस तमाम आरोपियों के फोन ट्रैक कर रही है लेकिन उनकी लोकेशन नहीं मिल पा रही है। आरोपी जानते हैं कि अगर मोबाइल इस्तेमाल किया तो वह पकड़े जा सकते हैं। इन आरोपियों के परिजन भी पुलिस को कुछ नहीं बता पा रहे हैं।
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