सहारनपुर। नेहरू मार्केट में डाली जा रही सीवर लाइन डालने के लिए खोदे गए गहरे गड्ढे में बाइक सहित युवक गिरकर चोटिल हो गया। मौके पर जमा भीड़ ने रस्से का इंतजाम कर करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद पहले बाइक और उसके बाद युवक को बाहर निकाला। इससे पहले लोहानी सराय में भी बाइक सवार युवक इसी तरह सीवर के गड्ढे में गिर चुका है, लेकिन फिर भी संबंधित विभाग सबक नहीं ले रहे हैं।
स्मार्ट सिटी योजना के तहत महानगर में कहीं सीवर लाइन डालने के लिए सड़कों को खोदा गया है तो कहीं विद्युत केबिल भूमिगत करने के लिए गड्ढे किए गए हैं। कई जगहों पर सड़कें धंस गई हैं। इसकी वजह से महानगर की सड़कों पर चलना खतरों से खाली नहीं है। खास बात यह है कि कई जगहों पर कार्यदायी संस्थाओं ने गड्ढों के आसपास बैरिकेडिंग तक नहीं की है। जहां सीवर लाइन डाली जा रही है वहां बैरिकेडिंग है तो लोग वहां से चलने से नहीं रुक रहे हैं।
अमर उजाला ने छह अक्तूबर के संस्करण में ''''ये राहें नहीं आसान, राहगीर संभलकर चलें'''' शीर्षक से प्रमुखता के साथ समाचार प्रकाशित किया था। जिससे कार्यदायी संस्थाएं तो राहगीरों के बचाव के उपाय करें ही। शुक्रवार की रात बाइक सवार नेहरू मार्केट में सीवर लाइन डालने के लिए खोले गए करीब 12 फीट गहरे गड्ढे में मय बाइक गिरा गया। वहां पर राहगीरों का जमावड़ा लग गया। लोगों ने किसी तरह रस्सी का इंतजाम किया, जिसके बाद बाइक और युवक को बाहर निकाला। जिस जगह की यह घटना है शुक्रवार को कार्य अधिक होने के कारण आवाजाही सुबह से ही बंद थी। लोग इधर उधर से निकलकर दूसरे छोर पर पहुंच रहे थे, लेकिन रात में यह घटना हो गई।
15 दिन से नहीं ली जा रही गड्ढे की सुध
सिविल लाइन चौकी के पास पहले से डली सीवर लाइन के ढक्कन के पास से सड़क धंसी हुई है, जिसमें करीब पांच फीट गहरा गड्ढा बना है। इससे पहले तहसील मंदिर के सामने भी इसी तरह सड़क धंसने के बाद करीब दो महीने तक अनदेखी की गई थी, जिसकी वजह से राहगीर परेशान थे।
नेहरू मार्केट में सीवर लाइन डाली जा रही है। बैरिकेडिंग भी की गई है, लेकिन लोग जबरदस्ती वहां से निकल रहे हैं। शुक्रवार को सुबह से ही आवाजाही बंद थी, लेकिन एक युवक रात में पाबंदी के बावजूद गड्ढे के पास से निकल रहा था, जिसकी वजह से वह गड्ढे में जा गिरा।
- अमरेंद्र गौतम, अधिशासी अभियंता, स्मार्ट सिटी सहारनपुर