सरसावा में नेशनल हाईवे पर एक फीट ऊंचाई तक आर पार बह रहा पानी
गंगोह में यूपी हरियाणा का संपर्क कटा
सरसावा/गंगोह। सरसावा में यमुना नदी खतरे के निशान से एक मीटर ऊपर बह रही है। भारी जल सैलाब से बिन्नाखेड़ी, छापुर, सुआंखेड़ी, चौरी मंडी गांवों के रास्ते बंद हो गए हैं। सरसावा में नेशनल हाईवे 344 पर सरसावा बाईपास से लेकर करीब दो किलोमीटर के हिस्से में यमुना नदी का पानी एक फीट ऊंचाई तक सड़क पर बह रहा है। उधर] गंगोह में यमुना नदी में जल स्तर बढ़ने से हरियाणा यूपी का जनसंपर्क कट गया है। प्रशासन ने अवरोध लगाकर रास्ता बंद कर दिया है।
यमुना नदी भारी जल सैलाब के कारण पूरे वेग के साथ बह रही है। इससे यमुना के तटवर्ती गांवों में बाढ़ का खतरा उत्पन्न हो गया है। यमुना से जलधारा के रूप में निकली बूढ़ी यमुना नदी तो अपना किनारा छोड़कर गांवों में बह रही है।
क्षेत्र के ग्राम चोरी मंडी, बैंगनी, हैदरपुर, शाहजहांपुर, झरौली, बहलोलपुर, घांघोड़, हुसैनपुर, कुतुबपुर, अपलाना, मंधोर, ढिक्का आदि गांवों के खेत यमुना के जल से भरे हैं जिससे ग्रामीण खेतों पर भी नहीं जा पा रहे हैं।
गंगोह क्षेत्र के दौलतपुर घाट पर बने पुल से हरियाणा की और बने दूसरे छोटे पुल से पानी पांच से छह फीट तक पानी चढ़ने से हरियाणा-यूपी का जनसंपर्क कट गया है। हरियाणा में शेरगढ़ टापू एवं यूपी में बनी पुलिस चौकी से पहले ही प्रशासन ने बैरियर लगाकर यात्रियों को रोक दिया है। इसके अलावा यमुना नदी में फंसे किसानों के ट्रैक्टरों को प्रशासन ने बाहर निकलवाया।
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पानी से बचने को पेड़ पर चढे़ ग्रामीणों को बाहर निकाला
गंगोह। गांव बल्ला मजरा निवासी सोनू एवं कालू पंजाब के पठानकोट से वापस लौट रहे थे। जैसे ही यह लोग दौलतपुर घाट पर पहुंचे और यमुना पार करने लगे वैसे ही पानी का बहाव तेज हो गया। जान बचाने के लिए दोनों ग्रामीण पेड़ पर चढ़ गए और शोर मचा दिया। इसकी सूचना प्रशासन को दी गई। मौके पर पहुंचे एसडीम अजय अम्बुष्ट, सीओ गंगोह मनीष चंद्र एवं कोतवाली प्रभारी प्रभाकर कैन्तुरा फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की मदद से दोनो को बाहर निकाला गया।
जोधेबांस में कटाव, यमुना में बही धान गन्ने की फसल
फोटो समाचार
साढौली कदीम। यमुना के किनारे के खेतों में कटाव शुरू होने से किसानों के लाखों रुपये के पेड़ व फसलें पानी की भेंट चढ़ गए हैं। सोमवार को तहसील बेहट के यमुना तटवर्ती गांव जोधेबांस में पानी ने किसानों के खेतों में जोरदार कटाव किया। ग्रामीण कुलदीप सिंह, सर्वेश कुमार, सुरेन्द्र सिंह, अंशुल, प्रेमपाल आदि ने बताया कि उनकी गन्ना, धान की फसल एवं पोपलर के पेड़ यमुना में बह गए हैं।