-मरीजों को प्राथमिक उपचार देने के बाद किया जाता है हायर सेंटर रेफर
-तनाव के कारण जिले में हर हर साल बढ़ते जा रहे दिमाग के रोगी
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। जिला अस्पताल में न्यूरोलॉजिस्ट और न्यूरो सर्जन चिकित्सक नहीं हैं, जिस कारण अस्पताल में आने वाले मरीजों को प्राथमिक उपचार देने के बाद तुरंत मेरठ, देहरादून, चंडीगढ़ या दिल्ली रेफर कर दिया जाता है। तनाव बढ़ने से हर साल दिमाग के रोगियों की संख्या में इजाफा हो रहा है।
एसबीडी जिला अस्पताल में रोजाना एक हजार से अधिक मरीज अपना उपचार कराने के लिए आते हैं, जिसमें से तीन से चार मरीजों को न्यूरोलॉजिस्ट चिकित्सक नहीं होने की वजह से रेफर कर दिया जाता है। सबसे ज्यादा ट्रॉमा के मरीजों को परेशानी होती है। दुर्घटना में घायल होकर आने वाले मरीज न्यूरोलॉजी डॉक्टर के अभाव में हायर सेंटर भेज दिए जाते हैं। इस दौरान कई बार मरीजों की जान जाने का खतरा भी रहता है। वहीं, काम बढ़ने से युवाओं में तनाव बढ़ रहा है। इसके अलावा भी अन्य कई कारण है, जिसकी वजह से दिमाग के रोगी सरकारी और गैर सरकारी अस्पतालों में बढ़ रहे हैं।
एसबीडी जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. रतनपाल सिंह सुमन ने बताया कि अस्पताल में कई स्पेशलिस्ट चिकित्सकों की कमी है। इसे लेकर कई बार शासन को अवगत कराया गया है, लेकिन अभी तक स्पेशलिस्ट चिकित्सक को नियुक्त नहीं किया गया है। जिसकी वजह से मरीज को रेफर करना पड़ता है।
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स्ट्रोक से बचने के उपाय
-शुगर की नियमित जांच कराना
-ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखना
-सामान्य मात्रा में मीठे का सेवन करना
-घी, बटर सहित तैलीय चीजों का सेवन कम करना
-भोजन में फल और सब्जियों का सेवन ज्यादा करना