सहारनपुर। वन गुर्जरों के जीवन और संघर्षों को लेकर ग्लोकल यूनिवर्सिटी के कैंपस में कार्यशाला का आयोजन हुआ।
यह कार्यशाला यूनिवर्सिटी में स्थित डॉ. आंबेडकर सेंटर फॉर एक्सक्लूसिव स्टडीज एंड ट्रांस्फार्मेटिव एक्शन द्वारा आयोजित की जा रही है। यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. सतीश शर्मा ने वन गुर्जरों के जीवन और भारत की विविधता में एकता की सांस्कृतिक विरासत पर प्रकाश डाला। मुख्य अतिथि राज्यसभा सदस्य अली अनवर ने अपनी पुस्तक मसावात की जंग का भी विमोचन किया और पसमांदा मुस्लिम आंदोलन और उससे जुड़े हुए संघर्ष पर विचार रखे। तीस्ता सीतलवाड़ ने वन गुर्जरों के अधिकारों और उनके जीवन से जुड़े हुए संघर्षों पर विचार प्रकट किए। इसी क्रम में डॉ. टोन गुरेनेवेग, अशोक चौधरी जनरल सेक्रेटरी आल इंडिया यूनियन ऑफ फारेस्ट वर्किंग पीपल, अमित राठी, रोमा मलिक, मोहम्मद मीर हमजा अध्यक्ष वन गुर्जर युवा संगठन उत्तराखंड, यूनिवर्सिटी के चांसलर हाजी मोहम्मद इकबाल, डॉ. एनके गुप्ता ने भी विचार व्यक्त किए। वन गुर्जर समुदाय के लगभग 25 लोग मौजूद रहे। कार्यशाला का संचालन खालिद अनीस अंसारी ने किया।