सहारनपुर। मोटापा से मधुमेह, उच्च रक्तचाप ही नहीं थायराइड का भी खतरा है। अगर वजन 60 किलो से अधिक हो रहा है तो सावधान हो जाएं। इस स्थिति में थायराइड का खतरा 50 फीसदी तक बढ़ जाता है। 60 फीसदी लोग ऐसे हैं, जिन्हें इस बीमारी के बारे में जानकारी नहीं होती। थायराइड की चपेट में महिलाएं अधिक हैं। चिकित्सक वजन नियंत्रित करने और जांच कराने की सलाह दे रहे हैं।
लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से विश्व थायराइड दिवस हर साल 25 मई को मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य थायराइड के महत्व और रोग की रोकथा व उपचार के बारे में जागरूक करना है। वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. संजीव मिगलानी बताते हैं कि पुरुषों के मुकाबले आठ गुना महिलाएं थायराइड का शिकार होती हैं। देश में हर 10वां व्यक्ति बीमारी से जूझ रहा है। 35 साल की उम्र से थायराइड की जांच शुरू करा देनी चाहिए और प्रत्येक पांच साल बाद नियमित जांच करानी चाहिए, ताकि इस गंभीर बीमारी से बचाव किया जा सकें। उन्होंने बताया कि भारत में हाइपोथायराइड सबसे ज्यादा पाया जाता है।
थायराइड बीमारी के प्रकार
-हाइपो थायराइड
-हाइपर थायराइड
-गोयटर
-थायराइड कैंसर
-हाइपोथायराइड के लक्षण
-शरीर में थकान होना
-बालों का झड़ना
-पूरे शरीर में सूजन आना
-काम करने की क्षमता कम हो जाना
-गले में घुटन महसूस करना
-वजन बढ़ना
-ज्यादा नींद आना
-शुष्क त्वचा
-चिड़चिड़ापन
-सर्दी सहन न होना
-कम पसीना आना
-कब्ज होना
हाइपोथायराइड के मरीज इनका करें परहेज
-शलजम
-चकुंदर
-बंद गोभी
-जौ
-सोया
-कॉफी