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Saharanpur News: आई फ्लू का प्रकोप बढ़ा तो बाजार में कम पड़ने लगीं दवाएं

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-आई ड्रॉप के कुछ मेडिकल स्टोर वसूल रहे मूल्य से अधिक दाम
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-आठ से दस गुना तक बढ़ गई मांग, अस्पतालों में बढ़ती जा रही भीड़

संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। जिले में आई फ्लू का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक इसकी चपेट में आ रहे हैं। सरकारी और निजी अस्पतालों में आंखों के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। ऐसे में बाजार में अचानक बढ़ी मांग से दवाएं कम पड़ने लगी हैं। कुछ जरूरी आई ड्रॉप को खुदरा मूल्य से अधिक में बेचा जा रही है।
आई फ्लू यानी वायरल कंजेवाइटिस की चपेट में इन दिनों हर उम्र के लोग आ रहे हैं। ऐसे में सरकारी हो या निजी अस्पताल सभी में आई फ्लू के मरीजों की लाइन लग रही है। पिछले एक सप्ताह से आई फ्लू का संक्रमण तेजी से फैला है। मरीज की आंख से निकल रहे कीचड़ और स्त्राव से स्वस्थ व्यक्ति में बीमारी फैल रही है। एक ही परिवार के दो से तीन सदस्य आई फ्लू से संक्रमित हो रहे हैं।
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मरीजों की संख्या बढ़ी तो बाजार से आंखों की आई ड्रॉप कम होने लगी है। जिन मेडिकल स्टोर स्वामियों ने स्टॉक कर रखा है, वह एमआरपी से अधिक दाम पर मरीजों को दे रहे हैं। वहीं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा अभी तक मेडिकल स्टोरों की जांच तक नहीं हो रही है। ऐसे में मरीज महंगी आई ड्रॉप खरीदने को मजबूर हैं।
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इन बाताें का रखें ध्यान
-आंख में हाथ न लगाएं।
-घर आने पर साबुन से हाथ साफ करें।
-आंख से पानी आ रहा है तो रुमाल का इस्तेमाल करें।
-बिना चिकित्सक की सलाह कोई ड्रॉप न डालें।
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बाजार में इनकी मांग अधिक
-स्प्रिोफ्लाॅक्सिन, ओफ्लोक्सॉसिन, एजिथ्रोमाइसिन ऑइंटमेंट, टोब्रामाइसिन

आई फ्लू का प्रकोप बढ़ने से आई ड्रॉप की मांग आठ से 10 फीसदी तक बढ़ गई है। थोक दवा बाजार में कई तरह की आई ड्रॉप कम पड़ने लगी हैं। कंपनियों से आपूर्ति पूरी तरह से नहीं हो पा रही। कंपनियों से सप्लाई अच्छी हो जाए तो आई ड्रॉप की किल्लत खत्म हो जाएगी।
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सुनील राणा, महामंत्री, केमिस्ट एंड डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन

वर्जन
आई ड्रॉप एमआरपी से अधिक मूल्य में बेचा जा रहा है। ऐसी कोई जानकारी नहीं है। फिर भी मामले की जांच कराई जाएगी। इसके बाद संबंधित के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।
लवकुश प्रसाद, औषधि निरीक्षक
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