-वर्ष 2022 में हुए 473 हादसों में हुई थी 298 लोगों की मौत
-इस वर्ष जून तक 160 ने हादसों में गंवाई जान, 83 गंभीर घायल
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। सड़क सुरक्षा पखवाड़ा जिम्मेदारों को ठेंगा दिखा रहा है। शहर के प्रमुख मार्गों पर तीन सवारी, बिना हेलमेट और रेहड़े ओवरलोड नजर आए। जागरुकता कार्यक्रम महज रस्म अदायगी तक सीमित है। इस वर्ष जून तक 160 हादसों में जान गंवा चुके हैं।
जिले में सोमवार से सड़क सुरक्षा पखवाड़ा चल रहा है। पखवाड़े का उद्देश्य है कि सड़क हादसों पर अंकुश लगाया जा सके, लेकिन इसका असर कुछ खास नजर नहीं आ रहा। बृहस्पतिवार को बाइक पर तीन-तीन सवारी, बिना हेलमेट, सीट बेल्ट के कार सवार नजर आए। इनके अलावा बाइक काटकर बनाए गए रेहड़ों पर क्षमता से अधिक सामान ढोते मिले। सबसे ज्यादा हादसे अनियंत्रित रफ्तार की वजह से होते हैं, जबकि ओवर स्पीड में कार्रवाई नाममात्र के लिए होती है। बाइक चालक हेलमेट और कार चालक सीट बेल्ट को लेकर गंभीर नजर नहीं आते।
आई रेड एप पर दर्ज होता है दुर्घटनाओं का ब्योरा
आई रेड (इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डाटा) के जिला प्रबंधक अजीम सैफी ने बताया कि आई रेड एप पर दुर्घटनाओं का ब्योरा दर्ज होता है। इसमें पुलिस, परिवहन विभाग, लोक निर्माण विभाग और स्वास्थ्य विभाग को जोड़ा है। इसमें घटना का कारण, स्थल की स्थिति, वाहनों का प्रकार, घायल के इलाज और अन्य प्रकार की जानकारियां दर्ज होती है।
तीन साल में कितने हुए हादसे और मौत
-वर्ष 2021
हादसे - 489
मौत - 336
गंभीर घायल - 95
घायल - 270
हादसे में शामिल व्यक्ति- 701
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-वर्ष 2022
हादसे - 473
मौत - 298
गंभीर घायल - 102
घायल - 279
हादसे में शामिल व्यक्ति - 679
-वर्ष 2023 (30 जून तक)
हादसे - 242
मौत - 160
गंभीर घायल - 83
घायल - 137
हादसे में शामिल व्यक्ति - 380
(नोट:-आंकड़ा आई रेड (इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डाटा) कार्यालय के अनुसार।)
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वर्जन
सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के प्रति वाहन चालकों को जागरूक किया जा रहा है। यातायात नियमों का पालन नहीं करने वाले वाहन चालकों पर कार्रवाई भी की जा रही है। सड़क सुरक्षा सभी की जिम्मेदारी है। जागरूक होकर ही हादसों पर अंकुश लगाया जा सकता है।
- एमपी सिंह, एआरटीओ प्रवर्तन