छुटमलपुर में निकाली गई क्लश यात्रा में शामिल महिलाएं
छुटमलपुर। मंगल कलश यात्रा के साथ श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ हो गया। पहले दिन कथा व्यास आचार्य सूर्यकांत बलूनी ने कहा कि संसार रूपी इस भव सागर को पार पाने के लिए श्रीमद्भागवत सरल और सर्वोत्तम मार्ग है।
श्री मनकामेश्वर शिव मंंदिर से पीतवस्त्रधारी महिलाओं ने सिर पर मंगल कलश धारण कर कस्बे के विभिन्न मार्गों पर यात्रा निकाली। सबसे आगे मंदिर के महंत राजकुमार बड़थ्वाल श्रीमद्भागवत को शीश पर धारण कर चल रहे थे। जगह-जगह पुष्प वर्षा से मंगल कलश यात्रा का स्वागत किया गया। यात्रा मंदिर में पहुंचकर संपन्न हुई। जहां कथा व्यास सूर्यकांत बलूनी ने समाज के नैतिक पतन पर चिंता जताते हुए कहा कि माताओं को चाहिए कि वे अपने बच्चों को संस्कार दें। घरों में नियमित रूप से धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन करें। उन्होंने कहा कि राम जैसी संतान पाने के लिए माताओं को भी कौशल्या बनना होगा। आयोजन में चिंटू पंडित, पंडित भुवनेश्वर बड़थ्वाल, सोना बड़थ्वाल,आकाश बड़थ्वाल, उज्ज्वल बड़थ्वाल, सुमन बड़थ्वाल, करिश्मा, मंजू, रीना, पंडित पंकज, विपिन, शीतला दीदी आदि का सहयोग रहा। संवाद