जान है तो जहान है। ज़िन्दगी की कोई कीमत नहीं है। यह रही तो घर, रोजगार, धन दौलत सब फिर से मिल सकता है। इसलिए कोरोना से लड़िये, घबराइए नहीं। इस जंग में जीत जाएंगे हम गर हौसला संग है। इं
डियन मेडिकल एसोसिएशन के चिकित्सकों सहित मनोरोग विशेषज्ञ और योग प्रशिक्षक कोरोना की जंग में हताश हो रहे लोगों को यही संदेश दे रहें हैं। दरअसल, जिले में अब तक कोरोना ने इतना मुसीबत में नहीं डाला है जितना इसके खौफ ने।
अब तक 23 से अधिक संदिग्धों की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। तीन हज़ार से अधिक कवारन्टीन पर हैं पर वे भी अब तक खतरे से बाहर हैं। इसके बावजूद कोरोना की दहशत में नकुड़ में गन्ना परिषद के क्लर्क की खुदकुशी ने हर किसी को हैरत में डाल दिया है।
हौसला रखिये, अपनों के बारे में सोचिये
यह महामारी हमेशा नहीं रहने वाली है। पूरा विश्व इससे लड़ रहा है और बचाव के विकल्प तलाश रहा है। इसलिये खौफ का वायरस न तो फैलाओ और न उससे खुद जूझो। हौसला रखिये, अपनों के बारे में सोचिये। उनके संग रहिये।
- रजनीश दहूजा, अध्यक्ष, आईएमए।
ईश्वर, योग और संगीत का सहारा है बड़ा
सुबह योग प्राणायाम, ओम या ईश्वर का जाप, दोपहर में गीत संगीत, शाम तक परिवार और बच्चों का साथ ज़िन्दगी का सबसे बड़ा सहारा है। इन सबके करीब रखिये। सब तनाव दूर रहेगा।
-पद्मश्री भारत भूषण योग प्रशिक्षक
मन मजबूत कीजिये, ये वक़्त निकल जाएगा
अगर आपका मन मजबूत है तो कोई भी विपदा बड़ी नहीं हो सकती। इसलिए अपने लोगों के साथ मनपसंद कार्यों में व्यस्त रहिये। ये वक़्त भी निकल जाएगा।
--डॉ. अमरजीत पोपली, मनोरोग चिकित्सक।