बेहट/लखनौती(सहारनपुर)। पहाड़ी इलाकों में बारिश कम होने से बुधवार को यमुना समेत की क्षेत्र बरसाती नदियों का जलस्तर कम हो गया। यमुना नदी में हथिनीकुंड बैराज से दोपहर बाद तीन बजे 130604 क्यूसेक पानी ही छोड़ा गया था। यमुना में पानी तो कम हो गया, लेकिन गंगोह क्षेत्र में अभी यूपी-हरियाणा के बीच आवागमन शुरू नहीं हो सका है। इस क्षेत्र में सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने भ्रमण कर यमुना बांध का निरीक्षण किया।
बैराज से मिली जानकारी के अनुसार हिमाचल की पहाड़ियों में बारिश कम हो गई है, जिससे यमुना नदी का जलस्तर घटना शुरू हो गया है। उधर, शिवालिक पहाड़ियों पर भी बारिश काफी कम है, जिससे बरसाती नदियों का जलस्तर भी कम हो गया है। बाढ़ के हालात का सामना कर रहे क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है। हालांकि बरसाती नदियों में मंगलवार को आई बाढ़ के क्षेत्र में जबरदस्त नुकसान हुआ है।
गंगोह क्षेत्र में भी यमुना नदी का जलस्तर घटने से यमुना किनारे बसे गांव के लोगों ने राहत की सांस ली है। हालांकि अभी तक बाढ़ का खतरा टला नहीं है। इसके चलते हरियाणा-यूपी के बीच यातायात शुरू नहीं हो सका। कांवड़ लेकर दौलतपुर पुल पर पहुंच रहे शिव भक्तों को वाया बिडौली पुल होकर हरियाणा जाना पड़ रहा है। सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता ओपी वर्मा, अधिशासी अभियंता विकास चंद्रा, सहायक अभियंता करण सिंह, अवर अभियंता उधम सिंह आदि अधिकारियों ने गांव सनौली से लेकर कुंडा तक यमुना बांध का निरीक्षण किया। उधम सिंह ने बताया अभी तक किसी भी तरह की कोई भी खतरे की बात नहीं है। इसके अलावा एसडीएम नकुड़ अजय कुमार अम्बुष्ट, सीओ मुनीश चंद्र, प्रभाकर कैंतूरा आदि ने भी खादर क्षेत्र का निरीक्षण किया।
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बुधवार को यमुना नदी में हथिनीकुंड बैराज से छोड़ा गया पानी
समय जलस्तर (क्यूसेक में)
सुबह 7 बजे 178162
8 बजे 178162
9 व 10 बजे 153768
11 बजे 136274
दोपहर 12 बजे 136274
1 बजे 133429
2 व 3 बजे 130604
सरसावा में अंबाला हाईवे का दो किमी का हिस्सा पानी में डूबा
सरसावा। क्षेत्र में मंगलवार की देर रात से आरंभ हुई बरसात बुधवार को भी लगातार चलती रही। इस कारण यमुना नदी में आए जल सैलाब से राष्ट्रीय राजमार्ग 344 एक बार फिर डूब गया। सरसावा बाईपास से लेकर टोल टैक्स बैरियर तक दो किलोमीटर का हिस्सा करीब एक फीट पानी में डूबा रहा। इससे वाहनों को चलने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। अनेक गाड़ियां खराब हुई तथा कांवड़ियों के भी भारी दिक्कत हुई। यमुना तटवर्ती गांवों में बाढ़ का पानी घुसा है जिससे गांव वालों का संपर्क नगर से कटा है। ग्राम भिक्खनपुर में एसडीआरएफ की टीम ने राहत पहुंचाई। बरसात का सबसे बड़ा नुकसान पशुओं के लिए हरे चारे का संकट खड़ा हो गया है।