मोहल्ले में दो हैंडपंप है जिनसे दूषित पानी आता है। नहाने आदि के लिए पानी लाने में भी वहां लाइनों में लगना पड़ रहा है। आरोप लगाया कि जल निगम कार्यालय पर कई बार शिकायत के बाद कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने समस्या का समाधान करने की मांग की है।
बता दें कि छुटमलपुर के गत वर्ष नगर पंचायत बनने के बाद जल निगम की छुटमलपुर पेयजल योजना का अभी तक अधिगृहण नहीं हो सका है। जल निगम सहारनपुर के भी शहरी और ग्रामीण में विभक्त होने के बाद कोई भी डिवीजन इस पेयजल योजना की जिम्मेदारी उठाने को तैयार नहीं है। फिलहाल भी पिछले 20 दिन से योजना के एक नलकूप की मोटर खराब पड़ी है।
उधर, नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी आलोक रंजन का कहना है कि अभी उन्हें पेयजल योजना हैंडओवर नहीं हुई है। इस योजना से छह गांवों को भी पानी जाता है। पहले उन गांवों के लिए पेयजल की व्यवस्था होगी, उसके बाद ही उन्हें पेयजल योजना स्थानांतरित हो सकेगी।