सहारनपुर। आरटीओ कार्यालय के बाहर ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के नाम पर दलालों के खेल की खबर प्रकाशित होते ही अधिकारियों में हड़कंप मच गया। बृहस्पतिवार को कार्यालय खुलते ही एआरटीओ प्रशासन और आरआई ने टीम को साथ लेकर अभियान चलाया। एक दुकान पर चेकिंग करते ही बाकी दुकानों के शटर धड़ाधड़ गिरते चले गए और वहां भगदड़ मच गई। हालांकि कोई दलाल पकड़ में नहीं आ सका, लेकिन जिस तरीके से भगदड़ मची उससे साफ है कि यहां पर दलालों का खेल चलता है।
दरअसल, अमर उजाला ने दो नवंबर के अंक में दलालों द्वारा आरटीओ कार्यालय के बाहर लर्निंग व स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के नाम पर की जा रही वसूली को लेकर प्रमुखता के साथ खबर प्रकाशित की थी। खबर प्रकाशित होने के बाद विभागीय अधिकारियों में खलबली गई। एआरटीओ प्रशासन महेंद्र बाबू गुप्ता ने आरआई अमित सैनी व रोहित सिंह के साथ दुकानों पर छापे की कार्रवाई की। कार्यालय गेट के बराबर में एक दुकान पर पहुंचे और वहां लाइसेंस संबंधित कागजों की जांच की गई। इसके बाद दलालों में अफरा-तफरी मच गई और एकाएक दुकानों के शटर गिरते चले गए। अधिकारियों को देखकर दलाल वहां से भाग खड़े हुए। जो लोग दुकानों के बाहर खड़े मिले, उनसे अधिकारियों ने पूछताछ की, लेकिन कोई दलाल अधिकारियों की पकड़ में नहीं आया।
कार्यालय में मंडराने वाले कई लोग चिह्नित
यह मामला संज्ञान में आने के बाद कुछ ऐसे लोग चिह्नित किए गए हैं जो आए दिन कार्यालय में मंडराते हुए देखे जाते हैं। ऐसे लोगों का पता किया जा रहा है कि आखिर यह रोजाना कार्यालय में क्यों आते हैं। अब उन पर निगाह रखी जा रही है। जैसे ही वह कार्यालय में बिना वजह दिखाई दिए तो उन पर शिकंजा कसा जाएगा।
दलालों को पकड़ने के लिए छापा मारा गया। कुछ लोग चिह्नित किए गए हैं। आम जनता से अपील है कि वह कोई भी कार्य दलालों के माध्यम से न कराएं। अगर कोई अतिरिक्त रुपये मांगता है तो तुरंत इसकी सूचना दें।
- महेंद्र बाबू गुप्ता, एआरटीओ प्रशासन