सहारनपुर, बेहट। गांव डूडू माजरा में शुक्रवार की शाम एक वृद्ध महिला की मौत के बाद श्मशान की भूमि और रास्ते का विवाद गरमा गया है। परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। उनका कहना है कि प्रशासन आज तक श्मशान की भूमि और रास्ते की व्यवस्था नहीं करा सका।
तहसील बेहट क्षेत्र के गांव डूडू माजरा में पिछले कई साल से श्मशान की भूमि और उसके रास्ते को लेकर ग्रामीणों का एक क्रशर मालिक से विवाद चल रहा है। क्रशर मालिक पर आरोप है, कि उसने अवैध खनन कर उनकी श्मशान की भूमि और रास्ते को खुर्द बुर्द कर रखा है। ऐसे में उन्हें शवों का अंतिम संस्कार करने के लिए भटकना पड़ता है। जब भी इस गांव में किसी की मौत होती है तो श्मशान की भूमि और उसके रास्ते का विवाद खड़ा हो जाता है।
शुक्रवार की शाम गांव में शीला (85) की मौत होने पर उसके परिजनों और ग्रामीणों ने शव का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। मृतका के बेटे रणवीर सिंह का कहना है, कि हर बार उन्हें आश्वासन दिया जाता रहा है लेकिन प्रशासन ने आज तक उनके लिए श्मशान की भूमि और उस पर जाने वाले रास्ते की व्यवस्था नहीं की। सूचना मिलने के बाद मिर्जापुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। इंस्पेक्टर हृदय नारायण सिंह ने परिजनों और ग्रामीणों को काफी समझाया, लेकिन उन्होंने उनकी नहीं मानी।
- जिस जगह ग्रामीण शमशान की भूमि बता रहे है, वहां राजस्व अभिलेखों में कोई शमशान नहीं है। पहले भी पैमाइश होती रही है। शासन तक को इसकी रिपोर्ट भेजी जा चुकी है। फिलहाल ग्रामीणों को अंतिम संस्कार करने के लिए समझाया जा रहा है और यह भी देखा जा रहा है, कि शमशान कहीं और तो नहीं है। - प्रकाश सिंह, तहसीलदार बेहट