बेहट/मिर्जापुर। गांव डूडू माजरा में श्मशान और उस पर जाने वाले रास्ते की भूमि का विवाद फिर तूल पकड़ने लगा है। गांव में एक व्यक्ति की मौत के बाद ग्रामीणों ने शव का अंतिम संस्कार नहीं किया। इसकी सूचना पर गांव पहुंचे अफसरों ने ग्रामीणों को शव का अंतिम संस्कार करने के लिए समझाया, लेकिन वह नहीं माने। विहिप एवं बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने भी मौके पर पहुंच हिंदू महापंचायत बुलाने की चेतावनी दी।
गांव डूडू माजरा में गत 15 साल से श्मशान और उसके रास्ते की भूमि को लेकर ग्रामीणों और एक स्टोन क्रशर मालिक के बीच विवाद है। आरोप है कि क्रशर मालिक ने श्मशान और रास्ते पर अवैध कब्जा कर रखा है। बृहस्पतिवार की सुबह चार बजे गांव में कर्म सिंह उर्फ काका (40) की मौत हो गई, तो इस विवाद ने फिर से तूल पकड़ लिया। परिजनों और ग्रामीणों ने शव का अंतिम संस्कार नहीं किया। बजरंग दल व विहिप के कार्यकर्ता भी ग्रामीणों के समर्थन में गांव में पहुंचे। इस पर एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, सीओ पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे और ग्रामीणों को शव का अंतिम संस्कार करने के लिए समझाया, लेकिन उन्होंने एक नहीं सुनी। प्रधानपति प्रदीप कुमार, मेघराज सैनी, महिपाल, अमरीश, रणबीर, ऋषिपाल, शेर सिंह, तिलकराम, अनिल कुमार, ज्ञानचंद, नाथीराम, सुरेश, परमाल, पप्पू, फूल सिंह व रामनिवास आदि का कहना है कि प्रशासन ने आज तक श्मशान और रास्ते की भूमि को कब्जा मुक्त नहीं कराया। देर शाम तक पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी फोर्स के साथ गांव में ही थे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया जा रहा था।
बजरंग दल की हिंदू महा पंचायत बुलाने की चेतावनी
बजरंग दल के विभाग सह संयोजक हरीश कौशिक ने ट्वीट किया है, कि प्रशासन यदि भू माफिया के कब्जे से श्मशान और उस पर जाने वाले रास्ते की भूमि को कब्जा मुक्त नहीं कराता, तो शव के साथ हिंदू महापंचायत की जाएगी।
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18 घंटे से घर में रखा है कर्म सिंह का शव
विवाद के चलते पिछले 18 घंटे से कर्म सिंह का शव उसके घर में रखा है। परिजन और ग्रामीण श्मशान और उस पर जाने वाले रास्ते की भूमि को कब्जे मुक्त कराए जाने तक अंतिम संस्कार नहीं करने पर अड़े है।
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ग्रामीणों से वार्ता चल रही है। उन्हें समझाया जा रहा है, कि वें शव का अंतिम संस्कार करें। उनकी समस्या का समाधान कराया जाएगा।
दीपक कुमार, एसडीएम बेहट -