दस से 15 साल तक एक ही जगह जमे हैं सचिव
तीन वर्ष बाद कार्यक्षेत्र बदलने के हैं शासनादेश
अमर उजाला विशेष
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। जिले की कई ग्राम पंचायतों में ग्राम सचिव अंगद का पांव जमा बैठे हैंं, जबकि शासनादेश हैं कि तीन वर्ष बाद इनके कार्यक्षेत्र में फेरबदल होना चाहिए, लेकिन यह 10 से 15 साल से एक ही जगह टिके हुए हैं। इतना ही नहीं, एक ही ब्लॉकों में भी लंबे समय से तैनात है। यह ग्राम पंचायतों की तरफ ध्यान नहीं देते, जिसकी वजह से ग्राम प्रधानों व ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
जनपद के 11 ब्लॉक में 884 ग्राम पंचायतें हैं। इनमें कई ग्राम पंचायतों में सचिव लंबे समय से एक ही स्थान पर ड्यूटी कर रहे हैं। ग्रामीण और प्रधान भी आए दिन आरोप लगाते हैं कि ग्राम सचिव नियमित ड्यूटी भी नहीं करते। शासन का आदेश की तीन वर्ष बाद ग्राम सचिवों के कार्य क्षेत्र में बदलाव होना चाहिए, लेकिन हालात इसके बिल्कुल विपरीत हैं। यह सचिव एक ही ग्राम पंचायतों और ब्लॉक में दस से 15 वर्ष से जमे हुए हैं। ग्राम पंचायतों में तैनाती होने के बावजूद भी ग्रामीणों को इनसे मिलने के लिए कई-कई दिन लग जाते हैं।
ग्राम प्रधान संगठनों ने उठाए सवाल
नव दृष्टि नवयुग प्रधान संगठन के अध्यक्ष व ग्राम पंयायत गदनपुरा के प्रधान संजय वालिया, महामंत्री व ग्राम पंचायत सुल्तानपुर के प्रधान राजेश कश्यप का कहना है कि शासनादेशों की पूरी तरह अवहेलना की जा रही है। ग्राम सचिव विकास कार्य कराने में मनमानी करते हैं। यह ग्राम सचिव 10 से 15 साल से एक ही जगह जमे हुए हैं।
इन ब्लॉकों में बन गए मठाधीश
विकास खंड मुज्जफराबाद, ब्लॉक पुवांरका, सरसावा, रामपुर मनिहारान, सढ़ौली कदीम, ब्लॉक बालियाखेड़ी, नागल, नानौता, देवबंद, गंगोह विकासखंड़ में कमोबेश यही हालात है कि सचिव कई कई वर्षों से एक ही जगह जमे हुए है।
पिछले साल ही ग्राम सचिवों की कार्य क्षेत्र बदले गए हैं। कार्य क्षेत्र बदलने की नई प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। कलस्टर के हिसाब से इनकी तैनाती की गई है। -विजय कुमार, मुख्य विकास अधिकारी