सहारनपुर। स्वास्थ्य विभाग ने जिन 44 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त किया है, उनका टीम के नामित सदस्यों ने सत्यापन शुरू कर दिया है। टीम के सदस्य नौ फरवरी तक ग्राम पंचायतों का सत्यापन करेंगी। उसके बाद टीम अपनी रिपोर्ट मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सौंपेगी।
भारत को 2025 तक टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। जिले में इस समय टीबी के करीब सात हजार मरीज सक्रिय है। स्वास्थ्य विभाग ग्रामीण स्तर पर टीबी के खिलाफ काम कर रहा है। इसमें प्रत्येक ग्राम पंचायत को 1000 से अधिक की जनसंख्या पर एक से कम रोगी का लक्ष्य रखा है। स्वास्थ्य विभाग जिले की 44 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त कर चुका है। उनका सत्यापन करने के लिए पांच टीम बनाई गई है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी व डीपीआरओ से नामित सदस्यों ने सत्यापन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। टीम इन ग्राम पंचायतों में पहुंचेंगी और वहां छह मानकों पर सत्यापन करेंगी और चेक करेंगी कि स्वास्थ्य विभाग ने जिन ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त किया है, वह ठीक हैं या नहीं। रिपोर्ट मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सौंपेंगे। इसके बाद रिपोर्ट का आकलन कर जिलाधिकारी शासन को भेजेंगे। 24 मार्च को विश्व टीबी दिवस है, उस दिन ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त की घोषणा होगी।
जिन ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त किया जा चुका है, उनका गठित टीम ने सत्यापन शुरू कर दिया है। नौ फरवरी तक टीम को सत्यापन करना है। उनकी रिपोर्ट का आकलन करने के बाद उसे जिलाधिकारी के यहां भेजा जाएगा।
- डॉ. सर्वेश कुमार सिंह, जिला क्षय रोग अधिकारी