छुटमलपुर/सहारनपुर। यूपी-उत्तराखंड के व्यापार और अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने वाले दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। राष्ट्रीय राजाजी पार्क से गुजरने वाले 12 किमी लंबे एलिवेटेड रोड के आधार स्तंभों पर पुल बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। उम्मीद है कि परियोजना पूर्ण करने के लिए निर्धारित अवधि दिसंबर तक इस पर वाहन फर्राटा भरना शुरू कर देंगे। इसके बाद दिल्ली से देहरादून की दूरी तय करने में मात्र ढाई घंटे लगेंगे।
दिल्ली के अक्षरधाम से शुरू होकर उत्तर प्रदेश के बागपत, बड़ौत, शामली और सहारनपुर से होते हुए देहरादून को जोड़ने वाले 210 किमी लंबे इस एक्सप्रेस-वे के पूर्ण होने से न केवल दो राज्यों के बीच की दूरी कम होगी बल्कि उद्योगों को भी रफ्तार मिलेगी। यह एक्सप्रेस वे सहारनपुर-रुड़की-हरिद्वार हाईवे और अंबाला-शामली छह लेने ग्रीन एक्सप्रेस-वे को भी जोड़ेगा।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा 12,300 करोड़ रुपये की लागत से बनाए जा रहे इस एक्सप्रेस-वे का सबसे महत्वपूर्ण 12 किमी लंबी एलिवेटेड रोड है। शिवालिक जंगल और राष्ट्रीय राजाजी पार्क में विचरण करने वाले वन्य जीवों की सुरक्षा तथा स्वच्छंदता के लिए 1400 करोड़ रुपये की लागत से इसका निर्माण किया जा रहा है। यह एशिया का सबसे लंबा और ऊंचा वन्य जीव गलियारा होगा।
अगले माह वाहनों के लिए तैयार हो जाएगी सुरंग
यूपी और उत्तराखंड की सीमा को जोड़ने वाली डाट काली मंदिर सुरंग भी अक्तूबर के लक्ष्य की जगह अगले माह मार्च में ही वाहनों के लिए तैयार हो जाएगी। 340 मीटर लंबी इस सुरंग में लाइट, सुरक्षा उपकरण आदि का कार्य चल रहा है। जल्द ही इसे सड़क मार्ग से जोड़ कर चालू कर दिया जाएगा।
- एलिवेटेड रोड के लिए 550 आधार स्तंभ बनाने हैं जिनमें से 407 आधार स्तंभ खड़े कर दिए गए हैं। बाकी का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। अब इन आधार स्तंभों पर पुल बनाने का काम शुरू कर दिया है। कुल पांच सौ स्पैन (पुल) बनने हैं। जिनमें से 17 बन चुके हैं। परियोजना को निर्धारित वक्त दिसंबर से पहले ही पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।
- पंकज मौर्य, परियोजना निदेशक, एनएचएआई
दिल्ली देहरादून एक्सप्रेस वे पर जोड़े जा रहे एलिवेटेड रोड के आधार स्तंभ