- डेढ़ माह से वैक्सीन खत्म, कोरोना से लड़ने की तैयारी कर रहा स्वास्थ्य विभाग
- जिले में 4,44,641 लोगों को नहीं लगी सतर्कता डोज
- एक सप्ताह पहले कोरोना का सामने आ चुका नया केस
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। देश के कई राज्यों में कोरोना संक्रमण के नए केस मिलने से स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। जिले में भी एक सप्ताह पहले कोरोना का नया केस सामने आ चुका है। जिले की स्थिति देखते तो स्वास्थ्य विभाग कोरोना से मुकाबला करने की तैयारी तो कर रहा है, लेकिन डेढ़ माह से अधिक समय से कोरोनारोधी वैक्सीन खत्म है। जिले में 4,44,641 लोग सतर्कता डोज से वंचित है।
देश के कई राज्यों में कोरोना संक्रमण एक बार फिर पांव पसारता जा रहा है। इसे लेकर शासन ने स्वास्थ्य विभाग को सतर्क रहने और बचाव के लिए तैयारी करने के निर्देश दिए गए हैं। शासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है, लेकिन कोरोना से बचाव के लिए डेढ़ माह से स्वास्थ्य विभाग को कोरोनारोधी वैक्सीन नहीं मिली है। इस तरह से देखा जाए तो स्वास्थ्य विभाग वैक्सीन के बिना ही कोरोना से लड़ने की तैयारी कर रहा है।
जिले में नौ फरवरी को वैक्सीन खत्म हो गई थी। इसके बाद कोरोनारोधी वैक्सीन नहीं मिली है और अभी कब मिलेगी इसके बारे में भी स्वास्थ्य विभाग के पास कोई जानकारी नहीं है। जिले में पहली व दूसरी डोज लगाने का स्वास्थ्य विभाग लक्ष्य पार कर चुका है, लेकिन सतर्कता डोज लगाने में पिछड़ा हुआ है। जिले में 18 साल से अधिक आयु के 720212 लोगों को सतर्कता डोज लगाने का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें से अब तक 275571 लोगों को ही सतर्कता डोज लग पाई है। यानि लक्ष्य के मुकाबले 38.3 प्रतिशत लोगों को ही सतर्कता डोज लग पाई है और 4,44,641 लोग सतर्कता डोज लगने से वंचित है।
सरकारी अस्पतालों में सतर्कता डोज लगवाने वाले लोग पहुंचते है, लेकिन उन्हें वैक्सीन न होना बताकर वापस भेज दिया जाता है। सीएचसी शामली में कोरोनारोधी टीकाकरण कक्ष में चिकित्सक बैठते हैं, जो मरीजों की जांच कर उपचार कर रहे हैं।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. राजकुमार सागर का कहना है कि कोरोनारोधी वैक्सीन डेढ़ माह से नहीं मिली है, जिस कारण टीकाकरण बंद चल रहा है। वैक्सीन कब तक आएगी, इसके बारे में शासन स्तर से अभी कोई जानकारी नहीं मिली है।