सड़कों पर चलता है कारोबार
मेला गुघाल की दो सड़कें ऐसी हैं, जिन पर लकड़ी की मंडी है। यहां सभी प्रकार के बड़े लक्कड़ की खरीद फरोख्त होती है। ऐसे में भारी मात्रा में लक्कड़ सड़कों पर फैले रहते हैं। यानी यहां से आम नागरिकों की आवाजाही बेहद कम है। सड़क पर पुराने वाहनों की कटाई चलती है।
शौचालय तक नहीं
मेला गुघाल में करीब 500 दुकानदार दुकानें लगाने के लिए कई राज्यों से आते हैं। इसके अलावा करीब 20 से 25 दिन चलने वाले मेले में लाखों लोग खरीदारी करने और घूमने पहुंचते हैं। इसके बावजूद यहां नगर निगम की ओर से शौचालय की कोई व्यवस्था नहीं है। सामान्य दिनों में भी लोग खुले में ही गंदगी फैलाते हैं।
गलत संदेश लेकर जाते हैं लोग : पार्षद
स्थानीय पार्षद गुलशेर का कहना है कि मेला गुघाल उत्तर भारत के खास मेलों में से एक है, जहां कई राज्यों के दुकानदार और मेले में घूमने के लिए काफी लोग आते हैं। यहां कोई सुविधा नहीं होने से वह लोग गलत संदेश लेकर जाते हैं। मेले की सड़कों के लिए एसडीए से दिसंबर 2021 में टेंडर हुए थे। स्मार्ट सिटी योजना के तहत एबीडी क्षेत्र में भी मेला स्थल आता है, लेकिन कोई विकास कार्य नहीं हो रहा है।
मेला गुघाल को लेकर 60.17 लाख रुपये का बजट पारित किया गया है। इस पैसे से मेला स्थल पर तमाम व्यवस्थाएं की जाएंगी। हमारा प्रयास यही है कि मेले में आने वाले दुकानदार और आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी ना हो। रही बात क्षेत्र के विकास की तो वह प्रस्तावित है, जिसके बाद समस्याएं अपने आप खत्म हो जाएंगी। - संजीव वालिया, महापौर।