फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ऐतिहासिक मेला: कच्ची सड़कें और कचरे के ढेर, ये है मेला गुघाल स्थल, जानिए यूपी के इस जिले का हाल

Wed, 10 Aug 2022 08:41 AM IST
मेरठ ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, सहारनपुर

सार

अमर उजाला की टीम ने मेला गुघाल स्थल की पड़ताल की तो कैमरे में कच्ची सड़कें, खुले मैनहोल और कचरे के ढेर कैद हो गए। जानिए जिले का पूरा हाल।
विज्ञापन
मेला गुघाल का बदहाल द्वार। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सहारनपुर में ऐतिहासिक मेला गुघाल अगले माह से शुरू हो रहा है, लेकिन मेला स्थल पर नगर निगम की ओर से अभी तक कोई तैयारी शुरू नहीं की गई है। खास बात यह है कि मेले के लिए जिन सड़कों पर दुकानें लगाने के लिए नगर निगम 60 से 70 लाख रुपये का ठेका छोड़ता है उन सड़कों की सुध नगर निगम ने आज तक नहीं ली है। अमर उजाला की टीम ने मंगलवार को मेला गुघाल स्थल की पड़ताल की वहां की सुविधाओं का जायजा लिया। कच्ची सड़कें, खुले मैनहोल, कचरे के ढेर और दूर तक कीचड़ फैला नजर आया।

विज्ञापन


मेला गुघाल अंबाला रोड से सटे लक्कड़ मंडी क्षेत्र में भरता आया है। यहां मेले की तीन प्रमुख सड़कें हैं, जिन पर मेले की दुकानें लगती हैं। चूंकि सड़कें नगर निगम की हैं तो नगर निगम मेले के लिए आने वाले दुकानदारों को जगह आवंटित कराने के लिए मेला स्थल का ठेका छोड़ता है। बीते वर्षों में नगर निगम 60 से 70 लाख रुपये तक में उक्त सड़कों का ठेका छोड़ता है, लेकिन बीते करीब दस साल से नगर निगम ने मेला स्थल की उक्त तीनों सड़कों को बनवाने की जरूरत नहीं समझी है, जबकि तीनों सड़कों की लंबाई करीब एक किलोमीटर ही है। नतीजा, धूल भरी कच्ची सड़कें।
 
वहीं मंगलवार को यहां का हाल जाना तो तीनों सड़कें कच्ची और धूल भरी मिलीं। पीछे की सड़क पूरी तरह कच्ची है, जिस पर एक जगह करीब 10 मीटर और दूसरी जगह करीब 30 मीटर तक कीचड़ फैला मिला। लोग किसी तरह कीचड़ के बीच से ही अपने वाहन लेकर निकल रहे थे। मंदिर वाली मुख्य सड़क भी कच्ची है। इस सड़क पर सीवर लाइन डाली गई है, जिसकी वजह से सड़क और बुरी स्थिति में पहुंच गई है। गेट से दाईं ओर जाने वाली सड़क भी कच्ची है, जिस पर जगह जगह सीवर के ढक्कन टूटे या उखड़े हुए हैं। सड़क की बगल में बना नाला बेहद छोटा है, जिसकी सफाई नहीं हुई है। सड़क और नाले के बीच में जहां दुकानें लगाई जानी हैं वहां दूर तक कीचड़ भरा मिला।

विज्ञापन
विज्ञापन

सड़कों पर चलता है कारोबार
मेला गुघाल की दो सड़कें ऐसी हैं, जिन पर लकड़ी की मंडी है। यहां सभी प्रकार के बड़े लक्कड़ की खरीद फरोख्त होती है। ऐसे में भारी मात्रा में लक्कड़ सड़कों पर फैले रहते हैं। यानी यहां से आम नागरिकों की आवाजाही बेहद कम है। सड़क पर पुराने वाहनों की कटाई चलती है।

शौचालय तक नहीं
मेला गुघाल में करीब 500 दुकानदार दुकानें लगाने के लिए कई राज्यों से आते हैं। इसके अलावा करीब 20 से 25 दिन चलने वाले मेले में लाखों लोग खरीदारी करने और घूमने पहुंचते हैं। इसके बावजूद यहां नगर निगम की ओर से शौचालय की कोई व्यवस्था नहीं है। सामान्य दिनों में भी लोग खुले में ही गंदगी फैलाते हैं।

गलत संदेश लेकर जाते हैं लोग : पार्षद
स्थानीय पार्षद गुलशेर का कहना है कि मेला गुघाल उत्तर भारत के खास मेलों में से एक है, जहां कई राज्यों के दुकानदार और मेले में घूमने के लिए काफी लोग आते हैं। यहां कोई सुविधा नहीं होने से वह लोग गलत संदेश लेकर जाते हैं। मेले की सड़कों के लिए एसडीए से दिसंबर 2021 में टेंडर हुए थे। स्मार्ट सिटी योजना के तहत एबीडी क्षेत्र में भी मेला स्थल आता है, लेकिन कोई विकास कार्य नहीं हो रहा है।

मेला गुघाल को लेकर 60.17 लाख रुपये का बजट पारित किया गया है। इस पैसे से मेला स्थल पर तमाम व्यवस्थाएं की जाएंगी। हमारा प्रयास यही है कि मेले में आने वाले दुकानदार और आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी ना हो। रही बात क्षेत्र के विकास की तो वह प्रस्तावित है, जिसके बाद समस्याएं अपने आप खत्म हो जाएंगी। - संजीव वालिया, महापौर।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें