सहारनपुर। मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय ने श्रेणी सुधार की व्यवस्था खत्म कर दी है। अब केवल अंक सुधार की सुविधा ही विद्यार्थियों को मिलेगी। विश्वविद्यालय का तर्क है कि श्रेणी सुधार का फायदा कुछ खास विद्यार्थियों को ही मिल पाता था, जिसकी वजह से इसको खत्म किया गया है। लेकिन अंक सुधार का फायदा सभी को होगा।
स्नातक और स्नातकोत्तर के प्रत्येक पाठ्यक्रम के विद्यार्थियों को अंक सुधार का मौका दिया जाता है। विद्यार्थी बैक पेपर परीक्षाओं में शामिल होकर अंक सुधार करते हैं, लेकिन श्रेेणी सुधार की व्यवस्था नेट, जेआरएफ, पीएचडी सहित कुछ ही विद्यार्थियों को मिलती है। हाल ही में हुई मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय की आंतरिक परीक्षा समिति की बैठक में श्रेणी सुधार की व्यवस्था को खत्म कर दिया गया है। विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक प्रोफेसर नरेश कुमार मलिक ने बताया कि परीक्षा समिति ने निर्णय लिया है कि आगामी वार्षिक परीक्षा के साथ विद्यार्थियों को अंक और श्रेणी सुधार का मौका दिया दे दिया जाए, लेकिन श्रेणी सुधार का यह मौका अंतिम होगा। इसके बाद श्रेणी सुधार की व्यवस्था बंद करने का निर्णय समिति ने लिया है। उन्होंने बताया कि अंक सुधार की व्यवस्था सभी के लिए रहती है। इसलिए यह व्यवस्था चालू रहेगी, लेकिन श्रेणी सुधार की व्यवस्था कुछ खास विद्यार्थियों के लिए होती है, जिसे बंद किया गया है। उन्होंने बताया कि अन्य विश्वविद्यालयों में भी यही व्यवस्था है, जिसे अब मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय अपना रहा है।