अंबेहटा के टिटौली गांव में तेंदुए के हमले के बाद जानकारी लेते वन क्षेत्राधिकारी व पुलिस। संवाद
अंबेहटा। टिटौली गांव में आंगन में खेल रहे बच्चे को तेंदुआ उठाकर भागने लगा। यह देखकर बच्चे के चाचा ने उसका पीछा किया। खुद को घिरता देख तेंदुआ बच्चे को छोड़कर भाग निकला। हालांकि तेंदुए के हमले से चाचा-भतीजा गंभीर रूप से घायल हो गए। जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस और वन विभाग की टीम ने सर्च अभियान चलाया, लेकिन तेंदुआ दिखाई नहीं दिया।
बुधवार दोपहर बाद अमजद का सात वर्षीय बेटा हुसैन घर के आंगन में खेल रहा था। तभी वहां पर तेंदुआ आ गया और बच्चे को उठाकर खेतों की तरफ भागने लगा। यह देखकर हुसैन के चाचा मसरूर लाठी लेकर तेंदुए के पीछे दौड़ पड़ा। इस पर तेंदुए ने मसरूर पर भी हमला कर दिया। इसी दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण भी वहां पहुंच गए। इसके बाद तेंदुआ हुसैन को छोड़कर वहां से भाग निकला। तेंदुए के हमले में चाचा भतीजे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को परिजन गंगोह सीएचसी लेकर गए, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया। परिजनों ने बताया कि घायलों को करनाल के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दोनों की हालत गंभीर बनी हुई है।
सूचना पर वन क्षेत्राधिकारी आरके शर्मा, कमल सक्सेना, वन रक्षक गौरव, चौकी प्रभारी नरेंद्र भड़ाना मौके पर पहुंचे। वन क्षेत्राधिकारी आरके शर्मा ने बताया कि ड्रोन की मदद से तेंदुए की तलाश की जा रही है। उन्होंने ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की है। खेत में तेंदुए के पैर के निशान भी मिले हैं। माना जा रहा है कि तेंदुआ पिछले कई दिन से आसपास के खेतों में घूम रहा है।
तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। वनकर्मी लगातार इस क्षेत्र में गश्त करेंगे, जिससे तेंदुए का पता चल सके और उस पर शिकंजा कसा जा सके। - संगीता राघव, एसडीएम नकुड़