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Saharanpur News: मिलावटखोरों पर नहीं लग पा रहा अंकुश

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सहारनपुर। बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थों में मिलावट का धंधा रुक नहीं रहा है। दूध से बने उत्पाद, घी, तेल, मसालों से लेकर दाल तक में जबरदस्त मिलावट हो रही है। खाद्य विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो वित्तीय वर्ष 2022-23 में 481 खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए, जिसमें से 282 अधोमानक, 33 असुरक्षित और 34 मिथ्या छाप पाए गए। 292 मिलावटखोरों पर एडीएम प्रशासन कोर्ट से 68.76 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया, इसके बाद भी मिलावट कम नहीं हुई है।
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त्योहार ही नहीं सामान्य दिनों में भी खाद्य पदार्थों में मिलावट हैं। इसके सेवन से लोग बीमार पड़ रहे हैं। सात जून यानी आज विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस मनाया जाएगा। इसका उद्देश्य संतुलित और सुरक्षित खाद्य मानकों को बनाए रखना और जागरूकता फैलाना है। एक अप्रैल 2022 से 31 मार्च 2023 के बीच घी, दूध, पनीर, मावा, मिर्च पाउडर, मिठाई सहित कई खाद्य पदार्थ जांच में खतरनाक मिले हैं। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी ज्ञानपाल सिंह ने बताया कि खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीमों ने जिलेभर में 247 स्थानों पर छापा मारकर 481 नमूने भरे थे। प्रयोगशाला से जो रिपोर्ट आई हैं, उनमें दूध, घी, पनीर, मिठाई मानक पर खरे नहीं उतरे हैं। फैट निकालकर दूध बेचा जा रहा है। इससे दूध में मौजूद पोषक तत्व जैसे कैिल्शयम, मिनरल, कैलोरी की मात्रा कम हो जाती है।

एक अप्रैल 2022 से 31 मार्च 2023 तक की स्थिति
-कुल निरीक्षण 3,394
-अभियान के दौरान लिए नमूने 481

-जांच में अधोमानक 282
-असुरक्षित खाद्य पदार्थ 33

-मिथ्याछाप मिले नमूने 34

-नमूने फेल आने पर कार्रवाई 292

-एडीएम प्रशासन कोर्ट से अर्थदंड 68,76,500 रुपये
-एडीएम प्रशासन कोर्ट में वाद दायर 381

जिले में मिलावटखोरों पर अंकुश लगाने के लिए समय-समय पर अभियान चलाया जाता है। वित्तीय वर्ष 2022-23 में तीन हजार से अधिक दुकानों का निरीक्षण कर 481 खाद्य पदार्थों के नमूने भरे थे। जांच में जिनके नमूने फेल आए हैं, उन पर एडीएम प्रशासन कोर्ट से जुर्माना की कार्रवाई होती है।
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पवन कुमार, खाद्य सुरक्षा आयुक्त (ग्रेड-2)
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