सहारनपुर। जिले में दो माह में तीन महिलाओं, एक किशोर और एक बच्चे की हत्या के मामले में पुलिस के हाथ खाली है। पुलिस हर बिंदु पर जांच कर चुकी है, लेकिन पुलिस कोई सुराग नहीं मिल रहा है। वारदातें राज बनकर रह गई हैं, जिनसे पर्दा उठाने में पुलिस नाकाम साबित हो रही है। इनका खुलासा कागजों में ही दफन हो गया है। वहीं, अधिकारियों का दावा है कि जल्द हत्यारों को पकड़ लिया जाएगा।
केस-1-
दो जनवरी को गांव खानपुर गुर्जर निवासी राजकुमार के चार वर्षीय पुत्र लक्ष्य अचानक गायब हो गया था। काफी तलाश करने के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिल सका था। 24 जनवरी को उसका शव गांव के समीप एक ईख के खेत से बरामद हुआ था। रस्सी से गला घोंटकर उसकी हत्या की गई थी।
केस-2-
23 जनवरी को तीतरों क्षेत्र के ग्राम खड़लाना में बिजलीघर के निकट अज्ञात शव को बिटौड़े मेें रखकर जला दिया गया था। खुलासे के लिए एसएसपी ने पुलिस टीमों को लगाया था, लेकिन एक माह बीतने के बाद भी पुलिस हत्यारों का सुराग नहीं लगा पाई है। जांच में सामने आया था कि शव महिला का है, लेकिन उसकी पहचान नहीं हो सकी थी।
केस-3-
10 फरवरी को गंगोह के मोहल्ला गुलाम औलिया निवासी फल विक्रेता जमील के 16 वर्षीय पुत्र अमान का शव संदिग्ध परिस्थितियों में एक बंद पड़े सेलर के मशीनरी रूम में बरामद हुआ था। वह नौ फरवरी को सुबह साढे सात बजे सेलर में खड़ी अपनी फलों की ठेली को बाहर निकालने गया था, तभी से लापता हो गया था।
केस- 4-
17 फरवरी को बड़गांव क्षेत्र में शिमलाना सिसौनी पुल के पास नहर में 30 वर्षीय अज्ञात महिला का गर्दन कटा शव मिला था। पुलिस महिला की शिनाख्त नहीं कर पाई। महिला तीन माह की गर्भवती थी, जिसकी हत्या कर नहर में फेंका गया था। एडीजी ने भी घटनास्थल का मौका-मुआयना किया था।
केस-5-
15 फरवरी को मिर्जापुर पुलिस ने गांव नूरपुर भरावड़ के पास पूर्वी यमुना नहर से एक अज्ञात किशोर की लाश बरामद की थी। एसएसपी डाॅ. विपिन टाडा ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर जांच की थी। तीन दिन पूर्व एडीजी भी घटनास्थल का मौका-मुआयना कर चुके हैं, लेकिन पुलिस कोई सुराग नहीं मिला है।
हत्याओं के खुलासे के लिए पुलिस टीमें लगी हैं। कुछ मामलों में पुलिस के हाथ सुराग लगे हैं। हत्यारे कितने भी शातिर हों, लेकिन पुलिस से नहीं बच पाएंगे। जल्द एक-एक वारदात का खुलासा कर दिया जाएगा। -डाॅ. विपिन ताडा, एसएसपी