सहारनपुर। सपा छोड़कर बहुजन समाज पार्टी में आए पूर्व विधायक इमरान मसूद आगामी निकाय चुनाव में विरोधियों से पहले परिवार में ही घिरते दिख रहे हैं। उनके लिए परिवार की ही सदस्य और काजी रशीद मसूद की बेटी साजिया मसूद चुनौती बनती नजर आ रही हैं। हालांकि अभी तक उन्होंने चुनाव लड़ने का कोई ऐलान नहीं किया है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं आम हैं कि शाजिया निकाय चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। इससे पहले वह कभी राजनीति में नहीं रही हैं, लेकिन अचानक उनकी सक्रियता ने इमरान और उनके समर्थकों में हलचल मचा दी है।
वैसे तो काजी परिवार में राजनीतिक बिखराव एक नहीं कईं बार देखने केे मिला है। बीते विधानसभा चुनाव में भी इमरान मसूद सपा के साथ थे, तो उनके जुड़वां भाई नोमान मसूद ने बसपा के टिकट पर गंगोह सीट से विधानसभा का चुनाव लड़ा। इससे पहले 2019 के लोकसभा चुनाव में पूरा काजी परिवार समाजवादी पार्टी के साथ था, जबकि इमरान मसूद ने कांग्रेस से लोकसभा का चुनाव लड़ा थे। बीते दिनों काजी रशीद मसूद के बेटे शाजान मसूद के पुत्र शायान मसूद की शादी इमरान मसूद की बेटी के साथ होने के बाद दोनों परिवार फिर से एक हो गए थे। उसके बाद इंतजार एक पार्टी में आने का था। अब दो माह पहले इमरान मसूद बहुजन समाज पार्टी में शामिल हो गए। अब इमरान मसूद, नौमान मसूद, शाजान मसूद, शायान मसूद सब एकजुट हो गए।
आगामी निकाय चुनाव के लिए बसपा ने भी इमरान की पत्नी सायमा मसूद को महापौर सीट के लिए प्रत्याशी घोषित कर दिया। चुनाव होने से पहले ही इमरान को परिवार में ही चुनौती मिलती नजर आ रही है। रुड़की में बियाही काजी रशीद मसूद की बेटी शाजिया मसूद अचानक से महानगर में सक्रिय हो गई हैं। एक ओर जहां वह सभाएं कर रही हैं। वहीं शहर भर में उनके नाम के होर्डिंग लग गए हैं। उनके लगातार सक्रिय होने के कईं मायने निकाले जा रहे हैं। गणतंत्र दिवस पर मुस्लिम समाज के लोगों ने उन्हें अपने यहां बुलाकर झंडारोहण भी कराया है।
बेटी हूं, लड़ सकती हूं
शाजिया मसूद के नाम के होर्डिंग शहर में कई जगहों पर लगे हैं। होर्डिंग पर काजी रशीद मसूद की फोटो के साथ दूसरी साइड में शाजिया का फोटो लगा है। होर्डिंग पर लिखा है- बेटी हूं, लड़ सकती हूं। माना जा रहा है कि इमरान के विरोधी राजनीतिक लोग शाजिया को समर्थन कर रहे हैं।
मुझ पर चुनाव लड़ने का दबाव बहुत है। जरूरत पड़ी तो मैं जरूर चुनाव लडूंगी, क्योंकि मुझे भी लगता है कि मेरे भाई लोग मेरे वालिद काजी रशीद मसूद का नाम खराब कर रहे हैं। वह लोगों के साथ गुंडागर्दी और बद तमीजी से पेश आते हैं। मैं अमन और प्यार के लिए तथा हिन्दू और मुसलमान को एक करने के लिए उतरी हूं।
- शाजिया मसूद, काजी रशीद मसूद की बेटी।
निकाय चुनाव में महापौर सीट पर तस्वीर पूरी तरह साफ है। जनता बसपा और उनके प्रत्याशी के साथ है। रही बात शाजिया की सक्रियता की तो उनसे मेरा कोई झगड़ा नहीं है। शाजिया के चुनाव लड़ने की तो वह स्वतंत्र हैं, जो चाहे करें। लेकिन एक बात जरूर कहूंगा कि जिस पिता का फोटो होर्डिंग पर लगाकर वह सामने आई हैं। उस पिता को बीमार हालत में वह देखने तक नहीं आई थी। -इमरान मसूद, पश्चिमी उत्तर प्रदेश प्रभारी, बसपा।