सहारनपुर। किसान आंदोलन से ट्रांसपोर्ट व्यवसाय पर खासा असर पड़ा है। जो ट्रक पंजाब और हरियाणा से सामान लेकर सहारनपुर आ रहे हैं, वह करीब 90 किलोमीटर की अधिक दूरी तय कर पहुंच रहे हैं। इससे प्रति ट्रक तीन हजार रुपये का डीजल खर्च बढ़ा है। ऐसे में ट्रांसपोर्टर्स को काफी नुकसान झेलना पड़ रहा।
दरअसल, पंजाब से सहारनपुर में होजरी के सामान के अलावा साइकिल, सिलाई मशीन, ऑटो, मोटर आदि के पार्ट्स और कृषि मशीनरी का सामान ट्रकों के जरिए पहुंचता है। इसी तरह सहारनपुर से हरियाणा-पंजाब केमिकल, पेपर, रबड़, कपड़ा और दवाइयां जाती हैं। प्रतिदिन करीब 200 ट्रकों की लोडिंग-अनलोडिंग होती है। इन दिनों हरियाणा-पंजाब में किसान आंदोलन कर रहे हैं। इसलिए जो ट्रक सहारनपुर से यमुनानगर, अंबाला, शंभू के रास्ते पंजाब जाते थे, वह अब अंबाला के मुलाना, चंडीगढ़ रोड से बरवाला, डेराबसी, राजपुरा के रास्ते पंजाब पहुंच रहे। ट्रकों को 90 से 100 किलोमीटर अधिक दूरी तय करनी पड़ रही। इसकी वजह से एक ट्रक पर करीब तीन हजार रुपये डीजल खर्च अधिक आ रहा। यह स्थिति पिछली 10 फरवरी से बनी हुई है। इसलिए ट्रांसपोर्टरों को अब तक करोड़ों रुपये का नुकसान होने के साथ समय पर माल ढुलाई नहीं हो रही।
क्या बोले ट्रांसपोर्टर
सहारनपुर गुड्स एसोसिएशन के महासचिव ललित पोपली ने बताया कि पंजाब-हरियाणा में चल रहे किसान आंदोलन से ट्रांसपोर्ट व्यवसाय पर असर हुआ है। पंजाब से सहारनपुर और सहारनपुर से पंजाब ट्रक जा रहे हैं, लेकिन रास्ते ब्लॉक होने की वजह से लंबी दूरी तय करनी पड़ रही। ऐसे में प्रतिदिन व्यवसाय प्रभावित हो रहा।
सहारनपुर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन अध्यक्ष ब्रित चावला बताते हैं कि पिछले काफी दिनों से किसान आंदोलन पर हैं। इसलिए ट्रांसपोर्ट व्यवसाय पर असर हो रहा है।