सहारनपुर। भीषण गर्मी में ओवरलोड होकर ट्रांसफार्मर धधक रहे हैं। जिससे बिजली संकट गहरा गया है। हैरत की बात यह है कि पिछले दो महीने के अंदर एक हजार से अधिक ट्रांसफार्मर फुंक चुके हैं। एकाएक ट्रांसफार्मर फुंकने से विद्युत निगम अधिकारियों की चिंता बढ़ गई है। उपभोक्ताओं को भी परेशानी झेलनी पड़ रही।
इन दिनों तापमान बढ़ने से गर्मी कहर बरपा रही है। स्थिति यह है कि दोपहर में घर से निकलना मुश्किल हो रहा। विद्युत निगम ने गर्मी में उपभोक्ताओं को निर्बाध आपूर्ति देेने के लिए तमाम दावे किए थे, जो इन दिनों खोखले साबित हो रहे। विद्युत निगम के अधिकारी गर्मी के मौसम में उपभोक्ताओं को बिजली संकट से निजात नहीं दिला पाए हैं। रोजाना ओवरलोड की वजह से ट्रांसफार्मर फुंक रहे हैं। विभागीय आंकड़ों पर गौर करें तो मई में 715 ट्रांसफार्मर फुंके थे। इस महीने में भी 210 से अधिक ट्रांसफार्मर फुंक गए। एक के बाद एक ट्रांसफार्मर फुंकने से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति यह है कि ट्रांसफार्मर फुंकने के बाद नया ट्रांसफार्मर लगाने में महीनों लग रहे।
एक ट्रांसफार्मर की मरम्मत में 20 से 25 हजार का खर्च
विद्युत निगम अधिकारियों के मुताबिक, एक बार ट्रांसफार्मर फुंकने के बाद लगभग 20 से 25 हजार का खर्च आता है। मई महीने में 715 ट्रांसफार्मर फुंके थे। इसके हिसाब से देखा जाए तो करीब 1.43 करोड़ रुपये ट्रांसफार्मरों की मरम्मत कराने में खर्च आया। ऐसे में विद्युत निगम के अधिकारियों ने अनावश्यक रूप से घर, फैक्टरी समेत अन्य प्रतिष्ठानों में लगे एसी, कूलर और पंखे बंद करने की अपील की, ताकि ओवरलोड की समस्या उत्पन्न न हो।
ट्रांसफार्मर फुंकने के कारण
वैसे तो ट्रांसफार्मर फुंकने के कई कारण होते हैं, लेकिन उनमें से बिजली चोरी से ओवरलोड होना, कनेक्शन बढ़ने के कारण लोड बढ़ना, रख-रखाव पर ध्यान न देना और घटिया गुणवत्ता होना आदि मुख्य कारण है।
गर्मी के चलते ट्रांसफार्मर ओवरलोड हो रहे हैं। जिसकी वजह से जिले में आए दिन ट्रांसफार्मर फुंकने की शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। ट्रांसफार्मरों की मरम्मत कराकर ठीक कराया जा रहा है। कई जगहों पर नए ट्रांसफार्मर भी लगाए गए हैं।
- सुनील कुमार अग्रवाल, मुख्य अभियंता, विद्युत निगम