सहारनपुर। इस समय ट्रेनों में सफर करना किसी मुसीबत से कम नहीं है। गर्मी की छुट्टियों की वजह से ट्रेनें फुल चल रही है। हालात ये हैं कि सहारनपुर से होकर गुजरने वाली लंबी दूरी की अधिकतर ट्रेनों में लंबी वेटिंग हैं। सीट न मिलने पर कई यात्रियों ने दिव्यांग कोच पर कब्जा जमा लिया। कई यात्री सीट पाने के लिए भाग दौड़ करते नजर आए। स्लीपर में सामान्य बोगी जैसे हालात हैं।
सहारनपुर जंक्शन से होकर रोजाना अप-डाउन औसतन 150 ट्रेनें गुजरती हैं। प्रतिदिन औसतन 1.50 लाख से अधिक यात्री आते-जाते हैं। छुट्टियों का सीजन होने के चलते ट्रेनों में भीड़ बढ़ गई है। अब हालात ये हैं कि जनरल कोच को छोड़ भी दें तो आरक्षित स्लीपर कोचों में भी भीड़ के कारण यात्रियों का चढ़ना मुश्किल हो रहा है।
मंगलवार को अमृतसर-बनमनखी जनसेवा एक्सप्रेस 12:45 बजे और उसके बाद 1:10 बजे बीकानेर-हरिद्वार एक्सप्रेस सहारनपुर में पहुंची। इस दोनों में भीड़ इस कदर थी कि यात्रियों को सीट मिलना तो दूर, खड़े होकर सफर करना पड़ा। यहीं नहीं बीकानेर-हरिद्वार एक्सप्रेस ट्रेन के अंतिम में लगे दिव्यांग कोच में भी यात्रियों ने कब्जा किया हुआ था। इस कोच में सहारनपुर से भी यात्री चढ़े। बिहार, पंजाब, दिल्ली, मुंबई जाने वाली ट्रेनों में कमोबेश यहीं हालात रहे।
जान जोखिम में डालकर रेलवे लाइन की पार
सहारनपुर रेलवे स्टेशन पर मंगलवार को यात्री जान जोखिम में डालकर रेलवे लाइन पार करते नजर आए। प्लेटफाॅर्म नंबर छह पर नई दिल्ली-सहारनपुर एक्सप्रेस पहुंची। इसके बाद यात्री पुल से चढ़कर नहीं आकर रेलवे लाइन पार कर प्लेटफाॅर्म नंबर चार पर आए। जबकि बीकानेर-हरिद्वार एक्सप्रेस यात्रियों के काफी नजदीक तक पहुंच गई थी। लेकिन उन्हें रोकने के लिए आरपीएफ-जीआरपी कहीं नजर नहीं आई।
इन ट्रेनों में लंबी वेटिंग
-मुंबई सेंट्रल-अमृतसर स्वर्ण मंदिर मेल एक्सप्रेस
-अमृतसर-बिलासपुर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस
-ऋषिकेश-श्रीमाता वैष्णो देवी कटरा हेमकुंड एक्सप्रेस
-इंदौर-देहरादून एक्सप्रेस
-देहरादून-इंदौर एक्सप्रेस
-जैसलमेर-जम्मूतवी शालीमार एक्सप्रेस
-जम्मूतवी-जैसलमेर शालीमार एक्सप्रेस
-नई दिल्ली-देहरादून शताब्दी एक्सप्रेस
गर्मी की छुट्टियों की वजह से ट्रेनों में भीड़ बढ़ गई हैं। रेलवे की ओर से समर स्पेशल ट्रेनों की घोषणा की है, जो संचालित हैं। लंबी दूरी की ट्रेनों में वेटिंग चल रही। यात्रियों की सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। - प्रदीप गिल्होत्रा, सीएमआई, रेलवे