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Saharanpur News: टिकट घोषित नहीं, इमरान मसूद ने खरीदा नामांकन पत्र

Fri, 22 Mar 2024 02:01 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
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सहारनपुर। पश्चिमी यूपी के कद्दावर नेता माने जाने वाले पूर्व विधायक इमरान मसूद अक्सर अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में रहते हैं। वह कांग्रेस की तरफ से खुलकर टिकट की दावेदारी कर रहे हैं। हालांकि अभी सहारनपुर सीट पर पार्टी ने टिकट की घोषणा नहीं की है, लेकिन बृहस्पतिवार को इमरान मसूद ने नामांकन पत्र खरीदकर अपनी दावेदारी को मजबूत कर दिया। साथ ही सियासी गलियारे में भी बेचैनी बढ़ा दी है।
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दोपहर के समय उनके प्रतिनिधि पहल सिंह सैनी कलक्ट्रेट पहुंचे, जिन्होंने इमरान मसूद के नाम का नामांकन पत्र लिया। इमरान मसूद कुछ माह पहले ही बसपा छोड़कर दोबारा कांग्रेस में आए थे। तभी से टिकट मांग रहे हैं। कांग्रेस आला कमान के पास स्क्रीनिंग कमेटी की तरफ से इमरान मसूद के अलावा पूर्व एमएलसी गजे सिंह का नाम भी भेजा गया था। अभी तक किसी के नाम पर भी मुहर नहीं लगी है, लेकिन जिस तरीके से इमरान ने नामांकन पत्र लिया है उससे संकेत दे दिए हैं कि उनका टिकट पक्का है। बहरहाल इमरान के नामांकन पत्र लेने के बाद अन्य दावेदारों में बेचैनी बढ़ गई है। उधर, इमरान मसूद का कहना है कि कांग्रेस से उनका टिकट पक्का है। किसी भी वक्त घोषणा हो सकती है।

2014 में दूसरे और 2019 में तीसरे स्थान पर रहे मसूद



इमरान मसूद ने पहली बार 2014 में कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ा था। इसमें भाजपा के राघव लखनपाल ने 472999 वोट लेकर जीत हासिल की थी। दूसरे स्थान पर इमरान मसूद को 407909 वोट और तीसरे स्थान पर बसपा के जगदीश राणा 235033 वोटों के साथ रहे थे। इमरान मसूद 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर फिर मैदान में आए। इस बार बसपा के हाजी फजर्लुरहमान ने 514139 वोटों के साथ जीत दर्ज की। दूसरे स्थान पर भाजपा के राघव लखनपाल 491722 और तीसरे स्थान पर इमरान मसूद 207068 वोटों के साथ रहे थे।
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इमरान मसूद का राजनीतिक सफर



मूलरूप से गंगोह के रहने वाले इमरान मसूद का परिवार राजनीतिक घराना रहा है। साल 2006 में सहारनपुर नगर पालिका का चुनाव जीता और साल 2007 विधानसभा चुनाव में सपा से टिकट मांगा। टिकट नहीं मिलने पर वह मुजफ्फराबाद विधानसभा सीट से निर्दलीय लड़े और जीते। 2012 में विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने कांग्रेस का दामन थाम लिया। कांग्रेस से उन्हें नकुड़ विधानसभा सीट से टिकट मिला, लेकिन हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद 2014 में उन्होंने फिर से पाला बदला और सपा में पहुंच गए। सपा ने सहारनपुर लोकसभा से टिकट दिया। इस चुनाव में भी उन्हें हार मिली। 2017 में वह फिर कांग्रेस में आए और पांच साल तक रहे। 2022 में वह फिर सपा में चले गए। निकाय चुनाव से ऐनवक्त पहले उन्होंने टिकट नहीं मिलने पर बगावती तेवर दिखाते हुए सपा को छोड़कर बसपा में एंट्री मार दी। करीब छह माह पहले राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की तारीफ करने पर बसपा ने उन्हें निष्कासित कर दिया था। इसके बाद उन्होंने फिर से कांग्रेस का दामन थाम लिया था।
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