- जिले में सबसे अधिक गांगनौली चीनी मिल पर बकाया
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। गन्ना विभाग के तमाम प्रयास किसानों को समय पर गन्ना मूल्य दिलाने में विफल साबित हो रहे हैं। जनपद की तीन चीनी मिलें अभी भी किसानों का करीब 269 करोड़ रुपये दबाए बैठी हैँ। जिले में सबसे अधिक बकाया गांगनौली चीनी मिल पर है। इसके चलते किसानों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।
गन्ना खरीद अधिनियम के तहत मिल में गन्ना सप्लाई करने के 14 दिन के अंदर गन्ना मूल्य भुगतान हो जाना चाहिए। इसके बाद भुगतान करने पर बकाया गन्ना मूल्य पर 15 फीसदी की दर से ब्याज देने का प्रावधान है। इसके बावजूद किसानों को न तो समय पर गन्ना मूल्य का भुगतान हो रहा है और ना ही बकाया गन्ना मूल्य पर ब्याज ही मिलता है। जनपद की तीन चीनी मिलों पर अभी गन्ना मूल्य बकाया है। इनमें गांगनौली पर करीब 201 करोड रुपये, शेरमऊ पर 17.41 करोड़ रुपये और गागलहेडी चीनी मिल पर करीब 50 करोड़ रुपये बकाया हैं।
बोले किसान
गांव सधारणसिर निवासी किसान नीरज राणा का कहना है कि मिल गन्ना भुगतान बहुत धीमी गति से कर रहा है। इससे किसान आर्थिक रूप से परेशान है। बच्चों के स्कूल की फीस, सामाजिक कार्य, बीमारी, घर के खर्च चलाने में दिक्कत आ रही है।
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ग्राम बोहडूपुर निवासी किसान मोहम्मद मुकीम प्रधान का कहना है कि पहले तो किसानों को गन्ने का लाभकारी मूल्य नहीं मिल रहा है। दूसरे गन्ना मूल्य भुगतान भी समय पर नहीं हो रहा है। बकाया भुगतान नहीं होने से किसानों को फसल में लागत लगाने के लिए भी कर्ज लेना पड रहा है।
खजूरी अकबरपुर के किसान गुरुदत्त शर्मा ने बताया कि मिल बकाया गन्ना मूल्य भुगतान में कोताही बरत रहे हैं। इसके चलते किसान आर्थिक संकट में हैं। भुगतान ना होने की वजह से बच्चों की स्कूली फीस, घरेलू खर्च, खेती की लागत के लिए काफी परेशानी उठानी पड रही है।
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जनपद की तीन चीनी मिलों पर गन्ना मूल्य बकाया है। बकाया भुगतान में तेजी लाने के लिए चीनी मिलों पर दबाव बनाया हुआ है। बकाया भुगतान में लापरवाही बरतने वाली चीनी मिलों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
- सुशील कुमार, जिला गन्ना अधिकारी।