सहारनपुर। वित्तीय वर्ष 2023 रविवार को खत्म हो गया, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद कई विभाग 1.48 करोड़ रुपये से अधिक का बजट खर्च करने में नाकाम रहे। लोक निर्माण विभाग, राजकीय मेडिकल कॉलेज और समाज कल्याण विभाग बजट खर्च में सबसे पीछे रहे। राजकीय मेडिकल कॉलेज में बजट जारी होने के बावजूद आंखों के ऑपरेशन में काम आने वाली फेको मशीन नहीं खरीदी गई तो वहीं लोक निर्माण विभाग और समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों का तर्क है कि उनके पास अतिरिक्त बजट आया हुआ था, जिसे वापस किया गया है। दरअसल, शासन ने 25 मार्च तक ही अधिकतम भुगतान करने के आदेश दिए थे। इसके बाद भी विभाग समय से बजट को खर्च नहीं कर पाए।
मेडिकल कॉलेज नहीं खरीद सका मशीन
राजकीय मेडिकल कॉलेज के बजट की बात करें तो इस राशि से आंखों के ऑपरेशन की फेको मशीन खरीदनी थी, लेकिन शासन से मशीन को खरीदने की मंजूरी नहीं मिल पाई। इसके लिए तमाम प्रयास किए गए। मंजूरी नहीं मिलने के कारण 65 लाख के बजट को वापस करना पड़ा।
लोक निर्माण विभाग :
लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता सीपी सिंह ने बताया कि 83 लाख रुपये का बजट अतिरिक्त था। अधिकतर कार्य पूरे हो चुके हैं। अतिरिक्त बजट होने के कारण ही उसे सरेंडर किया गया।
समाज कल्याण विभाग :
समाज कल्याण विभाग जो बजट आया था, उसमें से 98 हजार रुपये वापस हुआ। समाज कल्याण अधिकारी अर्चना सिंह ने बताया कि जो बजट वापस हुआ है, वह अतिरिक्त था। वित्तीय वर्ष 2023-24 में जो बजट हमें मिला था, वह पूरा खर्च हुआ।
वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन कोषागार देर रात तक खुला रहा। कोषागार में जो बिल विभागों की ओर से प्रस्तुत किए गए, उनकी जांच करके भुगतान किया गया। लोक निर्माण विभाग, राजकीय मेडिकल कॉलेज व समाज कल्याण विभाग का 1.48 करोड़ रुपये से अधिक का बजट वापस हुआ है।
- सागर कुमार, मुख्य कोषाधिकारी