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सहारनपुर: सोना दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले तीन गिरफ्तार

Sat, 11 Feb 2023 12:11 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
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सोना लाखों रुपये की ठगी करने के आरोप में जनकपुरी पुलिस द्वारा पकड़े गये आरोपी
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सहारनपुर। हरिद्वार की बीएचईएल और अन्य कंपनियों से निकलने वाले स्क्रैप में सोना-चांदी होने का झांसा देकर ठगी करने वाले तीन आरोपियों को जनकपुरी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी सस्ते दामों में सोना-चांदी दिलाने का झांसा देकर ठगी करते थे। आरोपी कई सराफा और अन्य बड़े कारोबारियों को निशाना बना चुके हैं।
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शुक्रवार को पुलिस लाइन में पत्रकार वार्ता के दौरान एसपी सिटी अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि आरोपी दो व्यापारियों से 15 लाख रुपये की ठगी कर चुके हैं। कारोबारियों की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की थी। जांच में पता चला कि एक गिरोह सस्ते दामों में सोना-चांदी दिलाने का झांसा देकर ठगी कर रहा है, जो कई कारोबारियों को निशाना बना चुका है। इनको पकड़ने के लिए पुलिस टीम को लगाया गया। जनकपुरी पुलिस ने आरोपी नीरज शर्मा निवासी गांधी काॅलोनी बाबालाल दास रोड कोतवाली मंडी, सोनू निवासी ज्वालापुर जनपद हरिद्वार व चंद्रपाल वर्मा निवासी पल्लवपुरम जनपद मेरठ को गिरफ्तार किया, जबकि मुख्य आरोपी फरार हो गया, जिसकी गिरफ्तारी के पुलिस प्रयास कर रही है। यह गिरोह दो साल से स्क्रैप से सस्ता सोना दिलाने का झांसा देकर व्यापारियों के साथ ठगी कर रहा था। आरोपियों के पास से 162 ग्राम नकली सोने का बिस्कुट, 13 ग्राम का असली सोने का बिस्कुट, पांच मोबाइल फोन और 1200 रुपये बरामद हुए हैं।
जिले में नीरज है गिरोह का सरगना, ऐसे करते थे ठगी
एसपी सिटी अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि सहारनपुर में नीरज शर्मा गिरोह का सरगना है। ये ही व्यापारियों से संपर्क करता था। सोने का असली सैंपल कारोबारियों को दिखाता था। इसके साथ ही कारोबारियों को बताता था कि उनका एक रिश्तेदार हरिद्वार के बीएचईएल में मैनेजर है। कंपनी के स्क्रैप में सोना और चांदी निकलती है। स्क्रैप को गलाने से सोने को अलग किया जा सकता है। वह सस्ते दामों में सोना-चांदी दिलवा देंगे।
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बना रखी थी फर्जी विजिलेंस टीम
कारोबारी जब नीरज के झांसे में आ जाता था तो उन्हें उत्तराखंड में किसी भी स्थान पर बुलाया जाता था। कारोबारी से आरोपी पैसा ले लेते थे। इन्होंने फर्जी विजिलेंस टीम भी बना रखी थी। जब सौदा तय कर पैसा लिया जाता था, तब फर्जी विजिलेंस की टीम छापा मार देती थी। कारोबारी को कार्रवाई का डर दिखाकर भगा देेते थे। इसके बाद कारोबारी से कहते थे, उन्होंने जो पैसा दिया था, वह विजिलेंस टीम को देकर मामले को दबा दिया गया है। इसके बाद आरोपी पैसा आपस में बांट लेते थे। इस गिरोह मुख्य सरगना हरिद्वार के ज्वालापुर का रहने वाला है, जिसकी गिरफ्तारी के पुलिस प्रयास कर रही है।
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